रायपुर। नगर निगम के कमिश्नर ने नजूल और बाजार विभाग को जोन कार्यालयों से एक बार फिर से वापस ह्वाइट हाउस बुला लिया है। कमिश्नर शिव अनंत तायल ने ये आदेश जारी किया। इसके साथ ही साथ निगम कमिश्नर ने जोन कमिश्नर्स को दिए गए अधिकार भी वापस ले लिए। इस पर राजधानी के लोगों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी है।

सुभाष तिवारी (पूर्व नेता प्रतिपक्ष): ये विभाग जोन के अधिकारियों से संभाले नहीं संभल रहे थे, लिहाजा इनको वापस बुला लिया गया। यह विकेंद्रीकरण इन विभागों को मजबूत करेगा। तो वहीं जोन में रहने से आम अवाम को सुविधाएं थीं। ऐसे में अगर इन विभागों को मुख्यालय बुलाया जाएगा तो जोन कमिश्नर का अधिकार शून्य हो जाएगा। यह गलत बात होगी। इन दोनों विभागों के पास तमाम बड़े- प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी है।
ऐसे में इनको चाहिए कि उन जिम्मेदारियों का निर्वहन तथा समस्याओं का निस्तारण जिम्मेदारी से किया जाए।
आर.डी. शर्मा (वरिष्ठ पत्रकार): सरकार अधिकारियों नहीं बल्कि आम जनता की सुविधाओं के लिए काम करती है। ऐसे में कमिश्नर शिवअनंत तायल एक जिम्मेदार अधिकारी हैं। अगर उन्होंने ऐसा किया होगा तो उसके पीछे कुछ न कुछ कारण रहे होंगे? मेरा मानना है कि ऐसा उन्होंने इस लिए किया होगा ताकि जनता को सारी सुविधाएं एक ही जगह मिल सकें।
रेखा साहू (निवासी- वार्ड 50) : शहीद पंकजविक्रम वार्ड निवासी रेखा साहू ने कहा कि पहले जोन जाना पड़ता था अब निगम मुख्यालय जाना पड़ेगा। न पहले परेशानी थी और न अब ही रहेगी। अधिकारी जहां भी आदेश करेंगे हमको जाना तो पड़ेगा ही, अगर हम जिम्मेदार नागरिक हैं तो। कमिश्नर ने अगर एक् शन लिया है तो जाहिर है कि आगे पीछे सोचकर ही लिया होगा? इसमें कोई बुराई तो नहीं है। पहले भी तो वहीं ये सारे काम हुआ करते थे।

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प्रीति सिंह ठाकुर (निवासी वार्ड 50): कमिश्नर का आदेश है तो मानना ही पड़ेगा। उन्होंने सोच-सम­ा कर ही फैसला किया होगा। हमें इससे कोई शिकायत नहीं है। यहां से जितनी दूरी जोन की है उतनी ही मुख्यालय की। ऐसे में भला हमें क्या तकलीफ?

कमिश्नर के आदेश को ही जायज ठहरा रहे लोग:
इस मामले में कमिश्नर शिव अनंत तायल के आदेश को लोग जायज ठहरा रहे हैं। ै शकुन यादव,सुशीला श्रीवास, जरीना खान,अशोक सिंह ठाकुर, हेमलता साहू, संतोष साहू, विजय तिवारी और शकील खान समेत तमाम दूसरे लोग भी कमिश्नर के आदेश को सही ठहरा रहे हैं।
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