रायपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने गुरूवार ने जानकारी दी कि प्रायमरी स्कूल में छत्तीसगढ़ी और गोंडी भाषा को शामिल करने पर विचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए जल्द ही 15 हजार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।

डॉ. सिंह राजीव भवन में मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्कूलों में विज्ञान, अंग्रेजी और गणित के शिक्षकों की कमी है। जहां-जहां शिक्षकों की कमी है, उसे पूरा करने की कोशिश की जा रही है। इसलिए ही शिक्षकों की भर्ती की जा रही है।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि निजी स्कूलों में फीस स्ट्रक्चर काफी ज्यादा है। इस पर निगरानी के लिए फीस नियामक आयोग का गठन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग का गठन जल्द ही कर लिया जाएगा। डॉ. सिंह ने कहा कि स्कूलों में किताबों में देरी या फिर अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में किताबों का न होना या किताबों के आने में विलंब पर सरकार गंभीर है और इसको लेकर कड़े नए नियम बनाने जा रही है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने इससे पहले कार्यकर्ताओं से मेल-मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनी।

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स्कूल शिक्षा मंत्री से मिलने के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम लोग आए थे। आम लोगों का आवेदन भी उन्होंने स्वीकार किया। ज्यादातर आवेदन तबादलों से जुड़े हैं। मीडिया से मेल-मुलाकात के दौरान संचार विभाग के पदाधिकारी भी मौजूद थे।

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।