नई दिल्‍ली। चीन सीमा पर तनाव के बीच भारत रोज नए-नए हथियारों का टेस्‍ट कर रहा है। डिफेंस रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने दो खास टेस्‍ट किए। पहले तो ABHYAS का सफल फ्लाइट टेस्‍ट हुआ। फिर MBT अर्जुन टैंक से लेजर-गाइडेड ऐंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (AGTM) का टेस्‍ट फायर किया गया।

मिसाइल ने 3 किलोमीटर दूर टारगेट पर एकदम सटीक वार किया और उसे ध्‍वस्‍त कर दिया। AGTM का टेस्‍ट अहमदनगर के आर्मर्ड कॉर्प्‍स सेंटर ऐंड स्‍कूल (ACC&S) की केके रेंज में हुआ। रक्षा मंत्री ने इस उपलब्धि पर DRDO की पूरी टीम को बधाई दी है।

राजनाथ सिंह ने DRDO साइंटिस्‍ट्स को सराहा

यह मिसाइल DRDO की आर्मामेंट रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट इस्‍टैब्लिशमेंट (ARDE) के कैनन लॉन्‍ड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत बनाई गई है। फिलहाल इसे अर्जुन टैंक से लॉन्‍च किया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ATGM के सफल टेस्‍ट पर डीआरडीओ को बधाई दी है। उन्‍होंने कहा, भारत को टीम डीआरडीओ पर गर्व है जो लगातार भविष्‍य में आयात निर्भरता कम करने के लिए काम कर रही है।

See also  SUSPENDED : सांसद डेरेक ओ ब्रायन को शीतकालीन सत्र के लिए राज्यसभा से किया गया निलंबित

DRDO के ATGM में क्‍या है खास?

ATGM को कई प्‍लैटफॉर्म से लॉन्‍च किया जा सकता है। टेस्‍ट के लिए अर्जुन टैंक का इस्‍तेमाल हुआ है।
हीट (हाई स्‍पीड एक्‍सपेंडेबल एरियल टारगेट) वारहेड के जरिए एक्‍सप्‍लोसिव रिऐक्टिव आर्मर (ERA) प्रोटेक्‍टेड वेहिकल्‍स को उड़ाती है।
यह मिसाइल मॉडर्न टैंक्‍स से लेकर भविष्‍य के टैंक्‍स को भी नेस्‍तनाबूद करने में सक्षम होगी।
मिसाइल का हेड ऐसा है जो इसे मूविंग टारगेट को एंगेज करने की क्षमता देता है।
ATGM के जरिए कम ऊंचाई पर उड़ने वाले हेलिकॉप्‍टर्स को भी ढेर किया जा सकता है।

‘अभ्‍यास’ मिसाइल वेहिकल में क्‍या है खास

DRDO ने कल ही ‘अभ्‍यास’ हाई स्‍पीड एक्‍सपेंडेबल एरियल टारगेट (HEAT) का बालासोर में टेस्‍ट किया था। इससे पहले मई 2019 में भी इसका सफल टेस्‍ट हो चुका है। यह मिसाइल वेहिकल 5 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ सकता है। इसकी रफ्तार आवाज की रफ्तार से आधी है। इसमें 2G क्षमता है और 30 मिनट तक ऑपरेट करने की क्षमता है। यह पूरी तरह से ऑटोनॉमस फ्लाइट लेने में सक्षम है।

See also  बिग ब्रेकिंग: बीजापुर के धर्मारम CRPF कैम्प पर नक्सली हमला,मीलों दूर तक पहुंच रही फायरिंग की आवाज

‘नाग’ जैसी गाइडेड मिसाइल पहले से है भारत के पास

भारत के पास ‘नाग’ जैसी गाइडेड मिसाइल पहले से है। फिलहाल उसे NAMICA मिसाइल कैरियर (Nag Missile Carrier) से छोड़ा जाता है। ‘नाग’ मिसाइल बड़े-बड़े टैंक्‍स को किसी भी मौसम में निशाना बना सकता है। इसमें इन्‍फ्रारेड भी है जो लॉन्‍च से पहले टारगेट को लॉक करता है। यह मिसाइल अचानक ऊपर उठती है कि फिर तेजी से ऐंगल पर मुड़कर अपने टारगेट की ओर जाती है।

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News  के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें और Youtube पर हमें subscribe करें। एक ही क्लिक में पढ़ें The Rural Press की सारी खबरें।