टीआरपी डेस्क। उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम द्वारा दायर याचिका पर केंद्र, गूगल, अमेजन और फेसबुक/ व्हाट्सऐप को नोटिस जारी किया। अदालत ने यूपीआई पर किए गए लेनदेन के डाटा को सुरक्षित करने की भी मांग की है। याचिका में उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी भारत में डाटा संग्रहीत करने की अनिवार्यता के बिना व्हाट्सएप को यूपीआई भुगतान शुरू करने की अनुमति दे रहे हैं।

पूरा नियामक ढांचा तैयार हो जाएगा

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा, ‘हम नोटिस जारी करेंगे। यहां इस बात की आशंका है कि भुगतान की पूरी व्यवस्था शुरू होने से पहले पूरा नियामक ढांचा तैयार हो जाएगा।’

लेन-देन भारत के भीतर एक सर्वर में सुरक्षित रखा जाएगा

विश्वम की तरफ से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने कहा कि आरबीआई ने अप्रैल 2018 में एक आदेश जारी कर इन बहुराष्ट्रीय कंपनियों से कहा था कि वे सुनिश्चित करें कि इन प्लेटफॉर्म पर डाटा का लेन-देन भारत के भीतर एक सर्वर में सुरक्षित रखा जाएगा। 

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भारत के बाहर सर्वर पर संग्रहित करता है

दीवान ने कहा कि अक्तूबर 2018 तक इसका अनुपालन किया जाना था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने आगे अदालत को सूचित किया कि व्हाट्सएप की मूल कंपनी फेसबुक डाटा को भारत के बाहर सर्वर पर संग्रहित करता है। 

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