रायपुर। प्याज की कालाबाजारी पर अब छत्तीसगढ़ सरकार सख्त हो गई है। कालाबाजारी रोकने के लिए गुरुवार को सभी जिलों के कलेक्टरों को मॉनिटरिंग के निर्देश दे दिए गए। थोक विक्रेता को स्टॉक और दाम की भी जानकारी दुकान के बाहर लगानी होगी।

वहीं दिल्ली रवाना होते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसके लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र के कृषि कानून से अभी अन्य वस्तुओं के भी दाम बढ़ेंगे।

नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि पिछले एक माह में प्याज के खुदरा बाजार मूल्य में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। यह राज्य स्तरीय प्राइस मॉनिटरिंग सेल में जिलों से आवश्यक वस्तुओं के बाजार भाव के विश्लेषण से स्पष्ट हुआ है। त्योहारों को देखते हुए विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों के कलेक्टर प्याज की उपलब्धता, खुदरा बाजार मूल्य की निगरानी और पर्यवेक्षण के लिए कार्यवाही करें।

See also  ठगी का ऐसा भी तरीका, CSR फंड दिलवाने का झांसा देकर NGO कार्यकर्ता से करोड़ों की ठगी, साइबर फ्रॉड गिरोह फूटा

प्याज की खपत और आवक की रोज हो समीक्षा

विभाग ने कहा है कि प्याज के थोक व खुदरा व्यापारियों की बैठक लेकर जिले में प्याज की उपलब्धता और मांग का आंकलन किया जाए। इसी के अनुसार, आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही आने वाले प्याज और उसकी खपत की भी रोज समीक्षा हो। कलेक्टरों से यह भी कहा गया है कि जिले में उपलब्ध प्याज के थोक और खुदरा बाजार भाव का प्रचार-प्रसार किया जाए।

स्टॉक लिमिट खत्म होने से करना पड़ेगा परेशानी का सामना

प्रदेश के सीएम भूपेश बघेल ने प्याज की कालाबाजारी के चलते बढ़ रही प्याज की कीमतों को लेकर कहा कि इसकी तरह अन्य वस्तुओं के दाम भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा, केंद्र के नए कानून से राज्य अब कुछ नहीं कर पाएंगे। स्टाक लिमिट खत्म करने से इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि यही कारण है कि केंद्र के इस कानून का विरोध कांग्रेस कर रही है। इस कानून से किसान के साथ-साथ आमलोग भी प्रभावित होंगे।

See also  सरकारी तंत्र से निराश होकर एक गायक ने माता बंजारी से की अनोखी विनती, 'तोर रद्दा ल बनवा दे ओ दाई, माता बंजारी वो' - Video

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें और Youtube  पर हमें subscribe करें। एक ही क्लिक में पढ़ें  The Rural Press की सारी खबरें।