टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ के जांजगीर में रहने वाले डॉ भागवत देवांगन खुदकुशी मामले में मध्यप्रदेश की जबलपुर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में 5 सीनियर छात्रों को आरोपी बनाया गया है। इनमें विकास द्विवेदी, अमन गौतम, सलमान, शुभम शिंदे, अभिषेक गेमे शामिल हैं। इन पर भागवत को प्रताड़ित करने रैगिंग करने के आरोप हैं। जांजगीर में डॉ भागवत के भाई प्रहलाद ने कहा कि इस मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, जबलपुर पुलिस को जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ना चाहिए। दरअसल 1 अक्टूबर को जबलपुर के मेडिकल कॉलेज में डॉ भागवत ने सुसाइड कर लिया था।

कॉलेज प्रबंधन और हॉस्टल प्रभारी पर कार्रवाई की मांग

भागवत के भाई ने कहा कि एक महीने के बाद इस मामले में एफआईआर की गई। केस में मामूली धाराएं लगाई गई हैं। मेरे भाई को मानसिक, शारीरिक और तो और आर्थिक रूप से परेशान किया गया है। इन तथ्यों के आधार पर भी धाराएं जोड़ी जानी चाहिए। कॉलेज प्रबंधन को पता था, वहां रैगिंग होती है। उनकी शह पर हुआ जो हुआ। कॉलेज प्रबंधन पर केस किया जाना चाहिए। जबलपुर के उस कॉलेज के हॉस्टल प्रभारी के खिलाफ भी कार्रवाई की हम मांग करते हैं।

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यह है पूरा मामला

1 अक्टूबर को जबलपुर में डॉ भागवत के सुसाइड के बाद 2 अक्टूबर को उनके भाई ने कॉलेज के सीनियर्स पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए नामजद शिकायत की। जांजगीर के राहौद नगर पंचायत के भागवत देवांगन पढ़ने के मामले में अच्छे थे। कक्षा छठवीं में उनका चयन नवोदय विद्यालय के लिए हुआ था। पूणे के मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री लेने के बाद वे आर्थो में पीजी करने के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज चले गए। उन्होंने इसी साल जुलाई में वहां एडमिशन लिया था। परिजनों के मुताबिक भागवत के सीनियर्स उनके साथ मारपीट करते, गालियां देते थे।

जांजगीर आए और परिवार को सब कुछ बताया

बीच में वह जांजगीर आए और परिवार को सब कुछ बताया। पढ़ाई की वजह से वापस लौटे मगर सीनियर्स की बदसलूकी कम नहीं हुई और डॉ भागवत के सुसाइड की खबर आई। मृतक के भाई प्रहलाद देवांगन ने बताया कि पहले भी एचओडी को रैगिंग की बात बता चुके थे।

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