नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में योगी सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार हो गया है। इसमें 23 नए मंत्रियों का नाम जुड़ें हैं। इसी के साथ अब उत्तर प्रदेश में अब 56 मंत्री हो गए हैं। मगर इस विस्तार के पहले कईयों के टिकट भी कट गए। कई मंत्रियों ने अपने इस्तीफे सौंपे थे, जिनमें से 5 के मंजूर हो गए हैं। इनमें से एक स्वतंत्र देव सिंह हैं, जोकि यूपी बीजेपी के अध्यक्ष बना दिए गए हैं। बीजेपी की ‘एक व्यक्ति एक पद’ नीति के तहत उन्होंने अपने परविहन मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था। इनके अलावा भी चार अन्य मंत्री हैं जिनके इस्तीफे मंजूर हुए हैं… मगर इनकी रवानगी की वजह कुछ और ही है जाने कौन-कौन से मंत्री हैं इस लिस्ट में शामिल।

1. राजेश अग्रवाल

उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री पद से दिया इस्तीफा।

कौन हैं –

–  7 बार से बरेली कैंट विधायक।
– पेशे से व्यापारी हैं और 2004 से 2007 तक वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भी रहे।

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इस्तीफे की वजह –

बीजेपी (BJP) का 75 प्लस उम्र का नियम इन पर लागू हुआ है। खुद राजेश अग्रवाल (Rajesh Aggarwal) ने ट्वीट कर ये जानकारी दी है। हालांकि इनपर तबादलों में मनमानी के आरोप लगे। राजेश अग्रवाल ने स्थानांतरण नीति के परे जाकर जो भी तबादले किए, उन फाइलों को अपर मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया गया है।

2. अर्चना पांडेय

खनन विभाग की राज्य मंत्री

कौन हैं–

कन्नौज से 4 बार विधायक रहे और पूर्व मंत्री राम प्रकाश त्रिपाठी की बेटी हैं और स्वयं कन्नौज की छिबरामऊ सीट से विधायक।

इस्तीफे की वजह –

स्टिंग ऑपरेशन में अर्चना पांडेय (Archana Pandey) के निजी सचिव पर गिरी थी गाज। इसके अलावा संगठन के काम में निष्क्रियता भी एक कारण।

3. अनुपमा जायसवाल

बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के पद से इस्तीफा दिया।

कौन हैं –

बहराइच से पहली बार की विधायक

इस्तीफे की वजह –

बेसिक शिक्षा अधिकारियों के तबादलों के साथ विभाग में जूते-मोजे, स्वेटर और पाठ्य पुस्तकों के टेंडर को लेकर विवाद में इनका नाम था। एक स्टिंग ऑपरेशन में अनुपमा (Anupama Jaiswal) के दफ्तर का भी नाम सामने आया, तब अनुपमा के दफ्तर में कार्यरत निजी सचिव को हटाया गया था। अनुपमा के कार्यकाल में हुई 68, 500 शिक्षकों की भर्ती में भी अनियमितताओं की शिकायतें आईं। भर्ती अभी तक उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

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4. धर्मपाल सिंह

सिंचाई मंत्री के पद से दिया इस्तीफा

कौन हैं –

धर्मपाल सिंह (Dharampal Singh) बरेली की आंवला सीट से विधायक हैं। सीनियर नेता, कल्याण सिंह सरकार में भी मंत्री भी रह चुके हैं। 2017 विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश अध्यक्ष के लिए भी नाम चर्चा में आया था।

इस्तीफे की वजह –

सिंचाई विभाग में तबादलों में गड़बड़ी और कमीशनखोरी के आरोपों के कारण गिरी गाज।

इन्होंने भी दिया इस्तीफा

इन पांच मंत्रियों के अलावा सांसद चुने जाने के बाद सत्यदेव पचौरी, प्रो. एसपी बघेल और प्रो. रीता बहुगुणा जोशी पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। मंत्रिमंडल विस्तार में इन खाली पदों को भी समायोजित कर लिया गया है। वैसे दिया तो सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने भी इस्तीफा था, लेकिन ये स्वीकार नहीं किया गया।

ये बने हैं नए मंत्री –

कैबिनेट मंत्री : डॉ. महेंद्र सिंह, सुरेश राणा, भूपेंद्र सिंह चौधरी, अनिल राजभर, राम नरेश अग्निहोत्री, कमला रानी।

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राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) : नील कंठ तिवारी, कपिल देव अग्रवाल, सतीश द्विवेदी, अशोक कटारिया, श्रीराम चौहान और रवींद्र जायसवाल।

राज्य मंत्री : अनिल शर्मा, महेश गुप्ता, आनंद स्वरूप शुक्ल, विजय कश्यप, डॉ. गिरिराज सिंह धर्मेश, लाखन सिंह राजपूत, नीलिमा कटियार, चौधरी उदयभान सिंह, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, रमाशंकर सिंह पटेल।

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