नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) 10 विपक्षी नेताओं के साथ आज श्रीनगर की वर्तमान स्थिति का जायजा लेने रवाना हुए। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पहली बार विपक्षी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल राज्य के दौरे पर जा रहा है। राहुल गांधी राज्य के हालात का जायजा लेंगे और स्थानीय नागरिकों से भी मुलाकात करेंगे।

शांति व्यवस्था में पड़ेगा असर

विपक्षी नेताओं के इस दौरे के बीच जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) प्रशासन ने नेताओं को राज्य का दौरा ना करने की हिदायत दी है। प्रशासन ने कहा है कि उनके आने से शांति व्यवस्था बनाए रखने की कोशिशों में खलल पड़ सकता है। नेताओं को यहां आने से बचना चाहिए। अब तक किसी भी नेता को राज्य के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया है।

प्रतिनिधिमंडल में हैं ये नेता

सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस, माकपा, भाकपा, राकांपा, तृणमूल, द्रमुक, राजद के नेता भी शामिल होंगे। मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस के शीर्ष नेताओं में गुलाम नबी आजाद के अलावा माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा के डी राजा, राजद के मनोज झा और तृणमूल कांग्रेस से दिनेश त्रिवेदी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं।

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अनुमति मिली तो यहां जा सकेंगे

यदि इन्हें अनुमति दी जाएगी तो ये राज्य के अन्य हिस्सों में भी जा सकते हैं। अभी तक अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद से राज्य में किसी भी राजनीतिक दल के नेता को जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। स्थानीय नेताओं पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को नजरबंद रखा गया है।

इनके बीच हो चुका है ट्विटर वॉर

इससे पहले, कांग्रेस के सांसद गुलाम नबी आजाद को राज्य में प्रवेश नहीं दिया गया था और उन्हें दो बार जाने से रोका गया था। डी राजा को भी श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया था। राहुल गांधी और राज्यपाल सत्यपाल मलिक के बीच राज्य का दौरा करने को लेकर ट्विटर पर बहस भी हो गई थी।

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