ट्राइबल एसी
जीपीएम के ट्राइबल एसी का अनोखा आदेश : वैक्सीन नहीं तो वेतन नहीं

पेंड्रा। GPM जिले में आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त के.एस. मसराम ने अनोखा आदेश जारी किया है। इस आदेश के मुताबिक यदि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी कोरोना का टीका नहीं लगवाते हैं तो उनकी सैलरी रोक दी जाएगी। यह आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और अधिकारी-कर्मचारी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। आदेश में टीकाकरण कार्ड भी कार्यालय में जमा कराने की बात कही गई है।

दरअसल के.एस. मसराम ने आदेश जारी किया, इसमें कहा गया कि आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित कार्यालय, आश्रम और आदिवासी छात्रावासों में काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को टीकाकरण कराना सुनिश्चित करें और वैक्सीनेशन कार्ड कार्यालय में जमा कराएं। तत्काल प्रभाव से जारी इस आदेश में कहा गया है कि यदि अधिकारी-कर्मचारी इस आदेश को नहीं मानते हैं तो उनकी आगामी महीने की सैलरी रोक दी जाएगी। इसकी जिम्मेदारी भी आपकी होगी। इसके बाद जैसे ही इस आदेश की जानकारी इन अधिकारी-कर्मचारियों को लगी वे नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।

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इसके अलावा 20 मई 2021 को भी सहायक आयुक्त की तरफ से एक आदेश जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि जिले के सभी आश्रम और हॉस्टल के वार्डन, कर्मचारियों और उनके परिजनों को भी टीकाकरण कराना अनिवार्य है। इस संबंध में कर्मचारियों ने विभाग पर जबरदस्ती आदेश को मानने का आरोप लगाया है।

आदेश का 90% कर्मियों ने किया पालन..!

इस मामले में सहायक आयुक्त के.एस. मसराम का कहना है कि इस आदेश से फायदा भी हुआ है। इसकी वजह से 90% अधिकारियों और कर्मचारियों ने टीकाकरण करवा लिया है। जब उनसे पूछ गया कि क्या यह आदेश डराने के लिए जारी किया गया, तब उन्होंने कहा कि यह आदेश डराने नहीं, वैक्सीनेशन के लिए जारी किया गया था। हम चाहते हैं कि सभी अधिकारी-कर्मचारियों का टीकाकरण हो जाए। हम जून की सैलरी भी नहीं काटेंगे, हमारा उद्देश्य 100% वैक्सीनेशन का था।

स्वैच्छिक है कोरोना वैक्सीन लेना

गौरतलब है कि सरकारी विभाग के कार्मचारियों और अधिकारियों के लिए टीकाकरण अनिवार्यता को लेकर जब एक RTI लगाई गई थी, तब स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया था कि कोरोना वैक्सीन लेना स्वैच्छिक है। इसे कोई जबरदस्ती करके आपको नहीं लगवा सकता है। RTI में यह भी पूछा गया था कि क्या वैक्सीन नहीं लेने पर सारी सरकारी सुविधाएं बंद कर दी जाएगी या नौकरी से निकाल दिया जाएगा। इसके जवाब में मंत्रालय ने कहा था कि यह पूरी तरह से स्वैच्छिक है, यदि कोई वैक्सीन नहीं भी लगवाता है तो भी उसकी सेवाएं जारी रहेंगी और उसे नौकरी से नहीं निकाला जाएगा

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देखिये ट्राइबल ए सी द्वारा जारी आदेश :

 

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