छत्तीसगढ़ सरकार अपनी वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र करे जारी : रमन
छत्तीसगढ़ सरकार अपनी वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र करे जारी : रमन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार के ढाई साल पूरे होने पर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भूपेश सरकार की खामियां गिनाते हुए कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति बेहद ख़राब है, और इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार श्वेत पत्र जारी करे। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भूपेश सरकार ने कर्जमाफी का वादा कर प्रदेश को कर्जदार बना दिया है।

भूपेश बघेल सरकार के ढाई साल पूरे होने पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, बृजमोहन अग्रवाल, रामविचार नेताम, और अन्य नेता एकात्म परिसर में मीडिया से रूबरू हुए। पूर्व सीएम ने कहा कि हमने जनता के बीच जाकर सरकार के ढाई साल के कार्यकाल के बारे में पूछा और सवाल उठाये, मगर सरकार ने किसी भी सवाल का जवाब अब तक नहीं दिया। भाजपा ने शराब बंदी, शिक्षकों की भर्ती, बेरोजगारी भत्ता, आदि को लेकर सवाल पूछे थे। मगर देने की बजाय उलटे सवाल पूछे जा रहे हैं।

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सरकार की वित्तीय स्थिति ख़राब

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने वर्तमान सरकार की वित्तीय स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि हमने अपने कार्यकाल के 15 सालों में कुल 37 हजार करोड़ का कर्ज लिया, औसतन हर वर्ष 22 सौ करोड़ के मुकाबले भूपेश की सरकार हर साल 15 हजार करोड़ रूपये ऋण ले रही है। कर्ज पर कर्ज लिए जा रहे हैं, और पटाने के लिए भी कर्ज ले रहे हैं। अगर यही स्थिति रही तो सरकार कार्यकाल पूरा होने तक 1 लाख 5 हजार करोड़ कर्ज ले चुकी होगी। प्रदेश की आर्थिक हालत इतनी बदतर क्यों है, सरकार को इस पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।

कर्ज माफ़ी का वादा करके कर्जदार बन गई सरकार

पूर्व सीएम ने कहा कि शराबबंदी, और कर्जमाफी का वादा करके सरकार आई थी, लेकिन अब प्रदेश को कर्जदार बना दिया है। हालात यह है कि सरकार की कुल राजस्व आय 88 फीसदी हिस्सा सिर्फ अनुदान, और सब्सिडी में खत्म हो जा रहा है। पुल-पुलिया, अस्पताल, स्कूल निर्माण के कार्य ठप्प हो गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में 6 लाख मकान स्वीकृत किए गए थे। 60-70 लाख आवास का निर्माण होना था। इससे रोजगार के सृजित होते, मगर राज्य सरकार ने रूचि नहीं ली, और अब यह योजना समाप्ति की ओर है।

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इस पत्रकार वार्ता को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने पार्टी द्वारा चलाए गए अभियान की जानकारी दी, और कहा कि इससे गांव-गांव ने कार्यकर्ताओं ने ऊर्जा का संचार किया है। विशेषकर शराबबंदी का वादा कर होम डिलीवरी करने, और बेरोजगारी भत्ता न देने को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी है। अलग-अलग क्षेत्रों से मिले फीडबैक के आधार पर पार्टी आगे की कार्ययोजना तैयार करेगी। नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने भी कहा कि सरकार घोषणा पत्र के वादे को पूरा करने में विफल रही है। 36 वादे किए गए थे, लेकिन एक भी वादे पूरे नहीं हुए हैं।

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