रायपुर। छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी के प्रदेश महासचिव जसबीर सिंह चावला ने पद और पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय संगठन महामंत्री और प्रदेश प्रभारी संदीप पाठक को पत्र लिखकर प्रदेश संगठन में अव्यवस्था, जवाबदेही की कमी और दिशा विहीनता पर गंभीर सवाल खड़े किए।

फंड आया, अकाउंट नहीं खुला

चावला ने अपने इस्तीफे में खुलासा किया कि 12 मई 2025 को अमेरिका से 5.12 लाख रुपये का डोनेशन खासतौर पर छत्तीसगढ़ संगठन के लिए आया था। लेकिन आज तक प्रदेश का बैंक अकाउंट नहीं खोला गया। इसका नतीजा यह हुआ कि तीन महीने से कार्यालय का किराया बकाया रहा और आखिरकार मकान मालिक ने दफ्तर पर ताला लगा दिया।

14 साल की निष्ठा के बाद किनारा

चावला ने लिखा कि 2011 से अब तक उन्होंने शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर पार्टी के काम से खुद को जोड़ा, लेकिन अब छत्तीसगढ़ में कोई गतिविधि नहीं दिख रही। इसी वजह से उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।

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इस्तीफे में गिनाए 10 कारण

अपने पत्र में जसबीर ने संगठन छोड़ने के 10 बड़े कारण गिनाए। इनमें कार्यकर्ताओं का सम्मान खत्म होना, संवादहीनता, दिल्ली पर अत्यधिक निर्भरता, छत्तीसगढ़ के लिए विजन का अभाव, जवाबदेही और फंड रेसिंग की कमी, प्रभारी-सह प्रभारी की मनमानी, डोनेशन का दुरुपयोग, विचारधारा की कमी, विपक्ष की भूमिका से दूरी और गलत टिकट वितरण शामिल हैं।

जसबीर का राजनीतिक सफर

बिलासपुर के कारोबारी जसबीर सिंह 2011 में अन्ना आंदोलन से सक्रिय हुए। 2012 में आम आदमी पार्टी से जुड़े और 2016 में बिल्हा विधानसभा अध्यक्ष बने। 2017 में बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र का जिम्मा संभाला। 2023 में पार्टी ने उन्हें बिल्हा से विधानसभा प्रत्याशी भी बनाया। इससे पहले वे पार्टी के कोषाध्यक्ष भी रह चुके हैं।