Chhattisgarh Krishak Unnati Yojana: छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को धान की खेती के साथ-साथ दूसरी फसलें अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए कृषक उन्नति योजना के तहत आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। खरीफ 2026 में पिछले खरीफ सीजन के मुकाबले धान का रकबा बदलकर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी या कपास की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देने की जानकारी दी गई है।
योजना के तहत ऐसे किसान जिन्होंने पिछले खरीफ सीजन में धान लगाया था और खरीफ 2026 में उसकी जगह दूसरी फसल की खेती करते हैं, उन्हें 15 हजार रुपए प्रति एकड़ दिए जाने का प्रावधान बताया गया है। इसके लिए किसान दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी या कपास की फसल चुन सकते हैं। वहीं, इन फसलों की पहले से खेती कर रहे किसानों के लिए 10 हजार रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है।
योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी शर्तें
कृषक उन्नति योजना का लाभ लेने के लिए किसान का एकीकृत किसान पोर्टल और एग्री स्टेक पोर्टल पर पंजीयन होना जरूरी बताया गया है। 15 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि पाने के लिए खरीफ 2026 में धान की जगह दूसरी पात्र फसल उगानी होगी और उसका पंजीयन एकीकृत किसान पोर्टल पर कराना होगा। इसके साथ ही पिछले खरीफ सीजन में खेत में धान की खेती का रिकॉर्ड और गिरदावरी दर्ज होना भी जरूरी है।
पंजीयन की तारीख को लेकर किसानों के लिए जरूरी सूचना
आपके दिए गए समाचार में पंजीयन की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 बताई गई है। हालांकि, आज 4 नवंबर 2026 है, इसलिए यह तारीख बीत चुकी है। ऐसे में किसान अगले वर्ष इस योजना का लाभ उठा सकते है।
अर्नब से हुए नुकसान का सर्वे शुरू
छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हाल ही में चक्रवात ‘अर्नब’ और बेमौसम हुई भारी बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी धान और अन्य फसलों को इस आपदा से भारी नुकसान पहुंचा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तत्काल एक्शन लिया है और प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए प्रशासनिक सर्वे शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं।
RBC 6-4 के तहत मिलेगी आर्थिक सहायता
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, राजस्व विभाग की टीमें खेतों का दौरा कर नुकसान का जायजा ले रही हैं। प्राकृतिक आपदा से हुई इस बर्बादी की भरपाई के लिए सरकार राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC 6-4) के कड़े नियमों के तहत किसानों को आर्थिक मुआवजा प्रदान करेगी। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के दायरे में आने वाले बीमित किसानों को भी उनके नुकसान का क्लेम दिया जाएगा।
किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइन: 72 घंटे के भीतर दें सूचना
कृषि विभाग ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया है। जिन किसानों ने अपनी फसलों का बीमा कराया है, उन्हें नुकसान होने के 72 घंटे के भीतर इसकी आधिकारिक सूचना देना अनिवार्य है। यदि इस समय-सीमा के भीतर जानकारी नहीं दी गई, तो बीमा क्लेम मिलने में दिक्कत आ सकती है।
यहाँ दर्ज कराएं अपनी शिकायत
किसानों की सुविधा के लिए सरकार ने टोल-फ्री कृषि रक्षक हेल्पलाइन नंबर 14447 जारी किया है। किसान इस नंबर पर कॉल करके सीधे अपने नुकसान की जानकारी दर्ज करा सकते हैं।



