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छत्तीसगढ़ में कब से शुरू होगी धान की कटाई? इस बार कैसी रहेगी फसल, जानिए क्या कहते हैं किसान?

Chhattisgarh Agriculture News: छत्तीसगढ़ में खरीफ की धान फसल अब धीरे-धीरे पकने की ओर बढ़ रही है। ऐसे में किसानों को इंतजार है कि खेतों में कटाई कब शुरू होगी और इस साल उत्पादन कैसा रहने वाला है। आम तौर पर प्रदेश में जल्दी पकने वाली धान किस्मों की कटाई दशहरा पर्व के बाद या […]

Chhattisgarh Paddy Harvesting
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Chhattisgarh Agriculture News: छत्तीसगढ़ में खरीफ की धान फसल अब धीरे-धीरे पकने की ओर बढ़ रही है। ऐसे में किसानों को इंतजार है कि खेतों में कटाई कब शुरू होगी और इस साल उत्पादन कैसा रहने वाला है। आम तौर पर प्रदेश में जल्दी पकने वाली धान किस्मों की कटाई दशहरा पर्व के बाद या अक्टूबर के आखिरी दिनों से शुरू हो सकती है, जबकि बड़े हिस्से में कटाई नवंबर और दिसंबर के दौरान होती है। हालांकि, कटाई का समय धान की किस्म, रोपाई की तारीख, बारिश और खेत की स्थिति पर निर्भर करता है।

इस साल धान की फसल को लेकर शुरुआत में मौसम ने चिंता बढ़ाई थी। जुलाई में कमजोर बारिश और मानसून में देरी के कारण बुआई समय पर नहीं हुई थी। इस बार खासियत ये रही कि फसल को जब-जब बारिश की जरुरत पड़ी तब-तब जमकर बारिश हुई। हालांकि इस वर्ष कई इलाकों में अधिक बारिश होने की वजह से बाढ़ की स्थिति बन पड़ी। जिससे फसलों को नुकसान भी हुआ।

छत्तीसगढ़ में धान की कटाई कब शुरू होती है?

प्रदेश में धान की कटाई का समय किस्म और खेती की पद्धति के अनुसार अलग-अलग रहता है। जल्दी पकने वाली किस्में अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से कटाई के लिए तैयार हो सकती हैं। मध्यम अवधि वाली किस्मों की कटाई आम तौर पर नवंबर में और देर से पकने वाली किस्मों की कटाई नवंबर के आखिरी हिस्से से दिसंबर तक चल सकती है। इस बार जिन किसानों की रोपाई देर से हुई है, उनके खेतों में कटाई भी आगे खिसक सकती है।

इस बार धान की फसल कैसी रहने की उम्मीद है?

खरीफ 2026 की फसल फिछले साल की तुलना में ठीक रहने के आसार है। बेमेतरा निवासी किसान मुन्ना साव का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार फैदावर में इजाफा होने के आसार है। वहीं राजधानी के आरंग ब्लॉक के ग्रामीण सुखदेव और कुशल निषाद ने बताया कि पिछले साल किसानों की कमाई का ज्यादातर हिस्सा दवाई के छिड़काव में खर्च हो गया था। वहीं असमय बारिश के कारण फसल प्रभावित हुई थी। लेकिन इस बार फसलों में बीमारियां कम है।

बारिश और नमी से फसल पर क्या असर पड़ सकता है?

धान की फसल में सही समय पर पानी मिलना जरूरी है, लेकिन खेत में लंबे समय तक पानी जमा रहना या अधिक नमी के साथ रोगों का फैलना नुकसान पहुंचा सकता है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के रायपुर स्थित राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान ने 25 सितंबर को जारी सलाह में अधिक नमी के दौरान कीट और रोगों पर नजर रखने को कहा था। किसानों को खेत में जरूरत के मुताबिक नमी बनाए रखने, अतिरिक्त पानी निकालने और फसल की नियमित जांच करने की सलाह दी गई थी।

कटाई से पहले किसान किन बातों का ध्यान रखें?

किसानों को धान की बालियों और दानों के पकने की स्थिति देखकर ही कटाई करनी चाहिए। बहुत जल्दी कटाई करने से दाने पूरी तरह नहीं भर पाते, जबकि कटाई में अधिक देरी होने पर मौसम, दाना झड़ने और खेत में फसल गिरने से नुकसान की आशंका बढ़ सकती है।

छत्तीसगढ़ में कब होगी धान की खरीदी ?

छत्तीसगढ़ में इस बार 12 नवंबर 2026 से धान की खरीदी शुरू होगी, जो 31 जनवरी 2027 तक चलेगी। बता दे कि राज्य सरकार ने इस बार 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी जाएगी।

रजिस्ट्रेशन जरूरी

इस बार धान खरीदी के नियम में थोड़ा बदलाव किया गया हैं। किसानों को धान बेचने के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। खरीदी केंद्र पर किसानों को अपनी लोन पुस्तिका दिखानी होगी। साथ ही जमीन मालिक का सहमति पत्र और अपनी घोषणा भी देनी होगी।

Naveen Kumar Sahu
लेखक / पत्रकार:

Naveen Kumar Sahu

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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