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हल्दी बीज के नाम पर 10 करोड़ का चूना, मंत्री ने दिए जांच के आदेश

Chhattisgarh turmeric seed subsidy scheme controversy and alleged irregularities involving farmers
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Chhattisgarh Haldi Seed Scam: मसाला विस्तार योजना के तहत सरकार को 10 करोड़ का चूना लगाने के मामले की अब जांच की जाएगी। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। टीआरपी न्यूज ने इस मामले का खुलासा किया गया था। जिसमें बिना जीआई टैग वाले अमानक बीजों की आपूर्ति किसानों को कर के 10 करोड़ रुपए की सब्सिडी भी बिना सत्यापन के ही ले ली गई थी। इस पर संज्ञान लेते हुए मंत्री रामविचार नेताम ने बीजों के प्रमाणीकरण, टैग, लॉट,एक्सपायरी डेट, आपूर्ति की दरों, लाभार्थी किसानों को वांछित सामग्री-मात्रा एवं नियमानुसार भुगतान का अनिवार्यत: परीक्षण करवाते हुए कार्रवाई से तत्काल अवगत कराने के निर्देश दिए थे।

दरअसल, हार्टिकल्चर विभाग ने किसानों को डीबीटी के माध्यम से सब्सिडी वाले हल्दी और अदरक के बीज आपूर्ति करने की योजना बनाई। यह पूरी योजना के तहत प्रदेशभर में 25 करोड़ रुपए में 2076 हेक्टेयर में हल्दी और अदरक की खेती करवानी थी। जिसके लिए 10 एजेंसियों के माध्यम से किसानों को बीज मुहैया करवाने का दावा किया गया। लेकिन सूत्रों के अनुसार बीरगांव की एक ही एजेंसी ने रायपुर से लेकर कोंडागांव, बीजापुर, जगदलपुर सहित कई जिलों में सप्लाई की। इतना ही नहीं, इंदिरा गांधी कृषि विवि की ओर से मानक हल्दी के बीज की कीमत 70 रुपए प्रति किलो के करीब है, लेकिन उक्त एजेंसी द्वारा 46 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बीज की सप्लाई की गई है। जो कि कई शंकाएं पैदा करता है। विशेषज्ञों के अनुसार इतनी कम कीमत में अच्छी गुणवत्ता के बीज तो मिल ही नहीं सकते।

शिकायतों से समझिए, कैसे हुआ खेल

  • आपूर्ति किए गए अमानक बीजों का ना तो कोई वैधानिक रजिस्ट्रेशन है और ना ही टेंडर-निविदा की शर्तों के तहत किसानों को हल्दी बीज मुहैया कराए गए।
  • आपूर्तिकर्ता संस्था के पास ना तो, बीज तैयार करने की कोई विधिवत व्यवस्था है और ना ही ऐसे बीजों के प्रमाणीकरण को लेकर कोई वैधानिक लाइसेंस।
  • बीज की “रोमा” क़िस्म की आपूर्ति के लिए “फ़र्जी लॉट नंबर” का इस्तेमाल करने का भी आरोप है।
  • हल्दी मसाला अंकुरण बीज का नियमों के तहत 9 माह की अवधि उपयोग-योग्य बताई जाती है, लेकिन एक्सपाइरी डेट गुज़र जाने के लगभग साल भर बाद हल्दी बीज की प्रदेश भर में आपूर्ति कर किसानों को कर दी गई है।
  • प्रदेश के आधा दर्जन से ज़्यादा जिलों के किसान यह भी तस्दीक कर रहे हैं, कि ना तो उन्हें, हल्दी बीज मुहैया कराया गया और ना ही इस योजना का कोई लाभ मिला, बावज़ूद इसके उनका नाम लाभार्थियों की सूची में डाल दिया गया।

अधिकारियों का दावा- सिर्फ 1.38 करोड़ का भुगतान

शिकायत के दावों के बीच अधिकारियों ने इसमें किसी भी प्रकार गड़बड़ी होने से इनकार कर दिया था। साथ ही यह भी दावा किया गया कि अब तक 6.22 करोड़ रुपए के लक्ष्य के विरुद्ध 1.38 करोड़ रुपए के भुगतान हुआ। वहीं, जनसंपर्क संचालनालय की ओर से भी सोशल मीडिया में प्रसारित खबरों को भ्रामक बताया गया था। लेकिन अब जांच के आदेश के बाद अधिकारियों में हड़कंप सा मचा हुआ है।

इन जिलों में की गई सर्वाधिक गड़बड़ी

जगदलपुर, कोंडागांव,धमतरी,राजनंदगांव,दुर्ग,बिलासपुर,अंबिकापुर,बलरामपुर,जशपुर,महासमुंद जिलों में सबसे ज्यादा फ़र्जीवाड़ा सामने आया है। इन जिलों में असिस्टेंट और डिप्टी डायरेक्टर हॉर्टिकल्चर (ADH-DDH ) स्तर के अधिकारियों ने एक ही संस्था से फर्जी बिल लेकर बग़ैर परीक्षण भुगतान सुनिश्चित करने में देरी नहीं की। जानकारी के मुताबिक, संस्था द्वारा सर्टिफाइड सीड नहीं दिए जाने के बावजूद इन अफसरों ने अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया।

Vikas Soni
लेखक / पत्रकार:

Vikas Soni

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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