Tara Coal Block: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। रायपुर में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हसदेव अरण्य क्षेत्र में तारा कोल ब्लॉक की नीलामी की गई है, जो सीधे तौर पर आदिवासियों के जीवन और पर्यावरण के साथ खिलवाड़ है।
इसके साथ ही उन्होंने वर्ष 2024 और 2025 की पीएससी परीक्षाओं में गंभीर गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए सरकार से जवाब तलब किया है।
तारा कोल ब्लॉक की नीलामी और आदिवासियों के जीवन पर संकट
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हसदेव और बांगो बांध इस इलाके की जीवनदायिनी हैं। यदि इस क्षेत्र में उत्खनन होता है, तो लाखों पेड़ काटे जाएंगे और यहाँ का पर्यावरण भारी रूप से प्रभावित होगा। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार ने लेमरू एलीफेंट अभ्यारण्य के लिए 1950 वर्ग किमी क्षेत्र को संरक्षित किया था। बघेल ने आरोप लगाया कि एक आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद साय सरकार ने आदिवासियों और जंगलों के हित का ध्यान न रखकर अडानी समूह के हितों का ख्याल रखा है और खुद केंद्र को पत्र लिखकर तारा कोल ब्लॉक की नीलामी की अनुशंसा की है।
कांग्रेस सरकार के फैसलों और विधानसभा प्रस्ताव का दिया हवाला
बघेल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान 26 जुलाई 2022 को छत्तीसगढ़ विधानसभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया था कि हसदेव-अरण्य में किसी भी कोल ब्लॉक का आवंटन या नीलामी न हो। इसके अलावा, 23 जून 2023 को तारा सहित 9 कोल ब्लॉकों को नीलामी से अलग रखने का पत्र भेजा गया था और 19 अक्टूबर 2023 को केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने तारा सहित 40 कोल ब्लॉकों को डी-नोटिफाई कर दिया था। इसके बावजूद भाजपा सरकार ने दिसंबर 2025 में इसके लिए फिर से पत्र लिखा।
पर्यावरण और हाथियों के कॉरिडोर पर मंडराता खतरा
कांग्रेस नेता ने बताया कि तारा कोल ब्लॉक लगभग 5000 एकड़ क्षेत्र में फैला है, जिसमें 4000 एकड़ से अधिक घना जंगल है। इसके कारण 10 लाख से अधिक पेड़ों को काटा जाएगा, जिससे लेमरू एलीफेंट रिजर्व के चारों ओर खनन होने से राष्ट्रीय धरोहर पशु हाथियों की आवाजाही पर गंभीर असर पड़ेगा। साथ ही, कई अन्य दुर्लभ वन्यजीव प्रजातियां भी खतरे में पड़ जाएंगी। यह ब्लॉक अडानी एंटरप्राइजेज की सहयोगी कंपनी की सब्सिडियरी को मिला है।
2024 और 2025 की पीएससी परीक्षाओं में धांधली के आरोप
प्रेसवार्ता के दौरान भूपेश बघेल ने पीएससी परीक्षाओं पर भी बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि 2024 और 2025 के पीएससी घोटालों की जांच कौन करेगा? उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 की मुख्य परीक्षा में सही उत्तर लिखने वालों को कम और गलत उत्तर लिखने वालों को ज्यादा अंक दिए गए। कॉपियों की जांच अपात्र स्कूली शिक्षकों (शिक्षक एलबी) से कराई गई और मूल्यांकनकर्ताओं के नाम सार्वजनिक होने के बावजूद दोषी अधिकारियों को सजा देने के बजाय प्रमोट कर दिया गया।
अभ्यर्थियों के हित में कांग्रेस की मांगें
2025 की पीएससी परीक्षा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 265 पदों के मुकाबले 3 गुना यानी 795 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में पहुंचना चाहिए था, लेकिन केवल 608 अभ्यर्थी ही पहुंचे। आयोग यह साबित करे कि बाकी बच्चे न्यूनतम अंक क्यों नहीं ला पाए। उन्होंने मांग की कि जब तक मामले का निराकरण नहीं होता, इंटरव्यू स्थगित किए जाएं, साक्षात्कार से पहले सभी अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाएं सार्वजनिक की जाएं और कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन किया जाए।
- भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हसदेव अरण्य क्षेत्र स्थित ‘तारा कोल ब्लॉक’ की नीलामी का मुद्दा उठाया है।
- तारा कोल ब्लॉक की नीलामी के लिए साय सरकार ने 11 दिसंबर 2025 को कोयला मंत्रालय को पत्र लिखा था।
- तारा कोल ब्लॉक CG Syn-Gas and Chemicals Limited को मिला है, जो कि अडानी एंटरप्राइजेज की सहयोगी कंपनी की सब्सिडियरी है।
- भूपेश बघेल ने वर्ष 2024 और 2025 की छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) की परीक्षाओं में गंभीर गड़बड़ियों का आरोप लगाया है।
- कांग्रेस पार्टी ने पीएससी परीक्षा को लेकर मांग की है कि साक्षात्कार (इंटरव्यू) को स्थगित किया जाए, सभी अभ्यर्थियों की कॉपियां सार्वजनिक की जाएं और उनका पुनर्मूल्यांकन हो।



