PM Awas Yojana Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर मंगलवार को रायपुर प्रेस क्लब में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और डिप्टी सीएम विजय शर्मा के बीच खुली बहस हुई। प्रधानमंत्री आवास से जुड़े आंकड़ों और सरकार के दावों को लेकर दोनों नेताओं ने अपने-अपने तर्क और आंकड़े सामने रखे।
डिबेट खत्म होने के बाद प्रेस क्लब के बाहर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते धक्का-मुक्की और झड़प शुरू हो गई। स्थिति संभालने पहुंची पुलिस के साथ भी कार्यकर्ताओं की झड़प हुई। हंगामे में एक एसआई का बैच और शर्ट का बटन टूटने की बात सामने आई है।
डिबेट के बाद आमने-सामने आए कार्यकर्ता
प्रेस क्लब में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर हुई बहस के बाद माहौल गरमा गया। दोनों पक्षों के समर्थक प्रेस क्लब के बाहर आमने-सामने आ गए। विवाद बढ़ने पर दोनों तरफ से धक्का-मुक्की और झड़प होने लगी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को अलग करने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच भी झड़प की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि हंगामे के दौरान एक एसआई का बैच और शर्ट का बटन टूट गया। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को अलग किया।
कांग्रेस नेता शैलेश त्रिवेदी ने लगाए अंदर ही बदसलूकी के आरोप
हंगामे के बीच कांग्रेस नेता शैलेश त्रिवेदी ने प्रेस क्लब परिसर के भीतर उनके साथ कथित बदसलूकी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि जब वे प्रेस क्लब पहुंचे, तब भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष समेत 10 से अधिक भाजपा कार्यकर्ता परिसर के भीतर मौजूद थे। त्रिवेदी के मुताबिक, उन्होंने प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी को फोन किया और गेट पर इंतजार कर रहे थे। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने उन्हें गेट पर रोक दिया। उन्होंने दावा किया कि वरिष्ठ पत्रकार वैभव बेमेतरिहा के अंदर चलने के लिए कहने पर वे परिसर में जाने लगे। आरोप है कि इसी दौरान गेट पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं के इशारे पर एक पुलिस अधिकारी ने उनके साथ बल प्रयोग किया।
बोले- विपक्ष की मौजूदगी से भी परेशानी
शैलेश त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि भाजपा के कई कार्यकर्ताओं के प्रेस क्लब परिसर के भीतर मौजूद होने के बावजूद एक कांग्रेस नेता के रूप में उनकी मौजूदगी को लेकर जिस तरह की स्थिति बनी, वह लोकतांत्रिक मानदंडों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज सुनना तो दूर, विपक्ष की उपस्थिति भी सरकार और सत्ताधारी दल को असहज कर रही है। त्रिवेदी ने अपने बयान में कहा कि उनका रायपुर प्रेस क्लब से वर्ष 1980 से संबंध रहा है। छात्र राजनीति से लेकर अब तक विभिन्न पदों पर रहते हुए वे प्रेस क्लब के कई कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं। उन्होंने घटना पर दुख जताया है।



