Farming Tips: भारत में खेती करोड़ों परिवारों की आमदनी का बड़ा आधार है। बदलते समय के साथ किसान अब केवल पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहने के बजाय ऐसी खेती की ओर भी रुख कर रहे हैं, जिनसे कम समय और कम लागत में अधिक आमदनी हासिल की जा सके। खास बात यह है कि कई पौधों में फल या सब्जी के साथ उनकी पत्तियां भी बाजार में बिकती हैं। इससे किसानों के लिए आमदनी के अतिरिक्त रास्ते खुल सकते हैं।
अगर किसान अपने इलाके की बाजार की मांग को ध्यान में रखकर ऐसी खेती का चयन करें, तो वे भारी मुनाफा कमा सकते है। कुछ फसलों के लिए अलग-अलग राज्यों में सरकारी सहायता और सब्सिडी की योजनाएं भी संचालित की जाती हैं। हालांकि किसी भी खेती को शुरू करने से पहले स्थानीय बाजार में मांग, उत्पादन लागत, बिक्री व्यवस्था और संबंधित योजना की पात्रता की जानकारी लेना जरूरी है। आज हम ऐसी ही पांच पत्तियों वाली खेती के बारे में बता रहे हैं, जिनसे किसान अतिरिक्त आय की संभावनाएं तलाश सकते हैं।
1. पान के पत्ते से कमाई
पान के पत्तों का इस्तेमाल खाने के साथ-साथ धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में भी किया जाता है। पूजा-पाठ और शुभ अवसरों पर पान के पत्तों की मांग रहती है। नमी वाले और छायादार वातावरण में इसकी खेती बेहतर मानी जाती है। बिहार सहित देश के कई हिस्सों में किसान अलग-अलग किस्मों के पान की खेती करते हैं।
2. तेजपत्ता बन सकता है अतिरिक्त आमदनी का जरिया
तेजपत्ता भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाला प्रमुख मसाला है। सब्जी, पुलाव और मसालेदार व्यंजनों में इसकी मांग रहती है। इसकी पत्तियों को सुखाकर बाजार में बेचा जाता है। किसान चाहें तो सूखी पत्तियों के अलावा इन्हें पीसकर भी बाजार तक पहुंचा सकते हैं। लगातार मांग रहने के कारण यह अतिरिक्त आमदनी का विकल्प बन सकता है।
3. सहजन के पत्ते भी हैं उपयोगी
सहजन का पौधा ऐसा है जिसके पत्ते, फूल और फलियां सभी काम आते हैं। इसके पत्तों का इस्तेमाल भोजन और पारंपरिक औषधीय उपयोगों में किया जाता है। इसकी फलियों की भी बाजार में मांग रहती है। यही वजह है कि किसान एक ही पौधे से अलग-अलग उत्पाद प्राप्त कर अपनी आमदनी के कई रास्ते बना सकते हैं।
4. केले के पत्ते
केले की खेती करने वाले किसानों के लिए फल के अलावा पत्तियां भी अतिरिक्त कमाई का माध्यम बन सकती हैं। दक्षिण भारत में केले के पत्ते पर भोजन परोसने की परंपरा के कारण इनकी मांग रहती है। धार्मिक आयोजन, विवाह और दूसरे कार्यक्रमों में भी इनका इस्तेमाल किया जाता है। प्राकृतिक उत्पादों की मांग बढ़ने से इनके उपयोग के नए अवसर भी बन रहे हैं।
5. साल के पत्तें
साल यानी शाल के पेड़ के पत्तों का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से भोजन परोसने और पत्तल-दोना बनाने में किया जाता है। शादी, धार्मिक कार्यक्रम और सामूहिक आयोजनों में इनके उपयोग की वजह से इनकी मांग बनी रहती है। साल के पेड़ की लकड़ी भी उपयोगी होती है। हालांकि इसकी खेती और कटाई से जुड़े नियमों को समझना बेहद जरूरी है।



