टीआरपी डेस्क। पश्चिम बंगाल में आज सत्ता की लड़ाई अपने सबसे रोमांचक मोड़ पर है। सुबह से ही जो रुझान आ रहे हैं, उन्होंने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। दोपहर 1 बजे तक की स्थिति देखें तो बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार बनाने की ओर मजबूती से बढ़ती दिख रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हार नहीं मानी है, उनका कहना है कि अभी काउंटिंग पूरी होने दीजिए, जीत हमारी ही होगी।

बंगाल में खिला कमल, रुझानों ने सबको चौंकाया

बंगाल की 294 सीटों में से अब तक 279 सीटों के रुझान आ चुके हैं। आंकड़ों की मानें तो बीजेपी 183 सीटों पर बढ़त बनाकर बहुमत के आंकड़े (148) को पार कर चुकी है। वहीं, सत्ताधारी टीएमसी (TMC) फिलहाल 91 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। कोलकाता से लेकर जिलों तक में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है।

भवानीपुर और नंदीग्राम का हाई-वोल्टेज ड्रामा

सबसे ज्यादा नजरें भवानीपुर और नंदीग्राम सीट पर टिकी हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक भवानीपुर से ममता बनर्जी करीब 17,371 वोटों से आगे चल रही हैं। सातवें राउंड की गिनती के बाद उन्हें 32,822 वोट मिले हैं। नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी ने ममता की नाक में दम कर रखा है। चौथे राउंड तक सुवेंदु 3,874 वोटों से लीड कर रहे हैं। के बाहर ही ‘जय श्रीराम’ के नारे लगा दिए।

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मतगणना के बीच समर्थकों, कार्यकर्ताओं को दिया संदेश

इस बीच ममला बैनर्जी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा काउंटिंग एजेंट और उम्मीदवार काउंटिग सेंटर छोड़कर न आएं। यह भाजपा का प्लान है, मैं कल से ही बोल रही हूं पहले उन्हें आगे दिखाया जाएगा। कई जगह उन्होंने काउंटिंग को बंद कर रखा है। कल्याणी में ऐसी मशीनें मिली हैं जहां कोई मेल नहीं है, सेंट्रल फोर्स के जरिए हर तरफ से TMC पर अत्याचार हो रहा है।

SIR के जरिए उन्होंने वोट लूटने की कोशिश की और अब भी 100 से ज्यादा सीटों पर हम आगे हैं जिसे बताया नहीं जा रहा। सब गलत बताया जा रहा है। पूरी तरह चुनाव आयोग अपनी इच्छा से काम कर रहा है और उनके साथ सेंट्रल फोर्स भी है।

सेंट्रल फोर्स के साथ पुलिस भी काम कर रही है। मैं पार्टी कार्यकर्ताओं को कहती हूं कि मन खराब करने की जरूरत नहीं है, आप सूर्यास्त के बाद जीतेंगे।

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2-4 राउंड की गिनती हुई है, 14-18 राउंड तक गिनती होती है, हम जीतेंगे। किसी को डरने की कोई जरूरत नहीं है।

ममता के मंत्रियों की हालत खराब, प्रशासन अलर्ट

अभी तक आए रूझानों में टीएमसी के कई कद्दावर मंत्री अपनी सीटों पर पिछड़ रहे हैं। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से छिटपुट झड़पों की खबरें भी आ रही हैं, जिसके बाद प्रशासन ने कमर कस ली है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि नतीजे आने के बाद हिंसा न भड़के।

दीदी का 50 साल का सफर दांव पर

1970 के दशक से कांग्रेस के साथ राजनीतिक सफर शुरू करने वाली ममता बनर्जी के लिए यह चुनाव साख की लड़ाई है। सोमनाथ चटर्जी जैसे दिग्गज को हराने वाली ममता ने 1998 में अपनी पार्टी बनाई और 2011 से मुख्यमंत्री हैं। लेकिन इस बार बीजेपी की आंधी ने उनकी राह मुश्किल कर दी है।

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