अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना के साथ ही बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ता जा रहा है वहीं सरकारी अफसरों की बड़ी लापरवाही की खबर सामने आ रही है।

दरअसल छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पशु चिकित्सा विभाग के सरकारी फार्म में 3 दिन से लगातार मुर्गियों की मौत हो रही थी। जिसके बाद बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। पुणे से इसको लेकर रिपोर्ट आई है। फार्म में बर्ड फ्लू की आशंका के बावजूद सरकारी अफसरों ने सैंपल टेस्ट के लिए भेजे जाने के बाद रिपोर्ट आने से पहले ही मैनपाट महोत्सव में फार्म की मुर्गियों को प्रदर्शनी के लिए भेजा और फार्म से लगातार फुटकर अंडों की बिक्री भी जारी रखी।

बता दें सकालो स्थित पोल्ट्री फार्म में 5 फरवरी से रोजाना 50 मुर्गियों की मौत हो रही थी। इस पर 8 फरवरी को सैंपल लेकर भोपाल स्थित लैब में भेजे गए। वहां से 11 फरवरी को रिपोर्ट निगेटिव आ गई। इसके बाद रिपोर्ट पुणे भेजी गई, जहां से सोमवार को आई रिपोर्ट में H-5 N-1 एविना इन्फ्लुएंजा वायरस की पुष्टि हुई है।

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इससे पहले 8 फरवरी को रायपुर से निरीक्षण के लिए पहुंची टीम ने माना था कि मुर्गियों की मौत अव्यवस्था के कारण हो रही है।

100 से अधिक अंडों की फुटकर बिक्री की गई

हालांकि भोपाल से निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद भी बर्ड फ्लू की आशंका बनी हुई थी। बावजूद इसके विभागीय अफसरों ने लापरवाही जारी रखी और 12 से 14 फरवरी तक मैनपाट महोत्सव में विभाग का स्टॉल लगा दिया। इसके अलावा पोल्ट्री फार्म से होने वाली अंडों की फुटकर बिक्री भी लगातार जारी रखी। अनुमान के अनुसार फार्म से हर रोज 100 से अधिक फुटकर अंडों की बिक्री होती है।

21 हजार से ज्यादा मुर्गे-मुर्गियां और चूजे को किया जाएगा नष्ट

पोल्ट्री फार्म में इस समय शंकर ब्रीड के 1104 मुर्गे-मुर्गियां, 2429 ब्लैक रॉक के मुर्गे-मुर्गिंया मौजूद हैं। साथ ही 18 हजार चूजे और 6 हजार अंडों में भी संक्रमण की पुष्टि होने के बाद नष्ट किए जाएंगे। वहीं मुर्गियों के 10 शेड में मौजूद हर सामान को जलाकर नष्ट किया जाएगा।

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