Nehal Got Relief From The Pain Of Brain Cancer- CM भूपेश ने दर्द से तड़पती मासूम नेहल की लौटे मुस्कान
Nehal Got Relief From The Pain Of Brain Cancer- CM भूपेश ने दर्द से तड़पती मासूम नेहल की लौटे मुस्कान

टीआरपी डेस्क


गरीबी और उसपर खतरनाक बीमारी के इलाज में लाखों रूपये खर्च से किसी भी परिवार की उम्मीद टूटने लगाती है। ऐसे ही हालातों का सामना कर रहे थे कोण्डागांव के सम्बलपुर निवासी छोटे से किसान गिरजानंद पटेल। उनके सामने उनकी नन्ही परी मासूम नेहल उनके सामने असहनीय दर्द से तड़पती थी। लाखों रूपये खर्च होने वाले ब्रेन कैंसर से ग्रस्त मासूम बेटी के ठीक होने के लिए कोई उपाय पटेल परिवार को सूझ नहीं रहा था। तभी उनके लिए फरिश्ता बनकर आई मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार की मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना।

मुख्यमंत्री श्री बघेल की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा 01 जनवरी 2020 को मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना प्रारंभ की गयी थी। जिससे गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को आर्थिक समस्या से बचा कर उनको बेहतर उपचार प्रदान किया जा सके। छोटे से किसान गिरजानंद पटेल की 9 वर्षीय बेटी नन्ही नेहल पटेल के लिए 25 लाख रूपये की आर्थिक सहायता उम्मीद की किरण बन गई।

बताते हैं जब वर्ष 2019 में चौथी कक्षा में अपने नाना-नानी के साथ रह कर जगदलपुर में पढ़ रही थी, तब अचानक उसकी तबियत खराब रहने लगी। उसे कक्षा में उल्टियां होने के साथ तीव्र बुखार आया करता था। जिसे शिक्षक सामान्य बुखार समझकर दवाईयां दे दिया करते थे। जिससे उसे तात्कालिक आराम तो प्राप्त हो जाता था परन्तु बहुत दिनों तक यह क्रम चलने पर 17 जून 2019 को विशाखापटनम घूमने जा रहे उनके नाना-नानी द्वारा वहां उसकी स्वास्थ्य जांच निजी अस्पताल में करवाई। जहां डॉक्टरों द्वारा दिमाग में ट्यूमर होन बताया। दर्द के कारण पढ़ नहीं पाती थी एवं दिन-रात दर्द से चिल्लाया करती थी। धीरे-धीरे वह चलने फिरने में भी असमर्थ हो गयी। नेहल की ऐसी दशा देख पिता द्वारा डॉक्टरों की सलाह पर वर्ष 2020 में नेहल की जांच अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर में कराई गई।

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एम्स के चिकित्सकों द्वारा जांच उपरांत दिमाग में ट्यूमर के स्थान पर ब्रेन कैंसर की पुष्टि करते हुए यह बात परिजनों को बताई। जिसपर परिजनों द्वारा पूछे जाने पर डॉक्टरों ने बताया कि नेहल कैंसर के चौथे स्टेज में है और कैंसर सिर से होते हुए मेरूरज्जू तक फैल रहा है। एम्स में डेढ़ साल तक नेहल का उपचार चलता रहा परंतु नेहल की हालत ना सुधरता देख डॉक्टरों ने चेन्नई स्थित एक निजी अस्पताल में इसका इलाज संभव होने की जानकारी परिजनों को दी। इलाज में बहुत अधिक खर्च होने की बात जानकर परिजनों ने नेहल को बचा पाने की अपनी उम्मीद भी खो दी थी।

ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत 20 लाख रूपये तक स्वास्थ्य उपचार हेतु सहायता प्राप्त होने के संबंध में जानकारी प्रदान की गयी। जिससे उनमें निराशा के अंधेरे में उम्मीद की एक नई किरण दिखाई दी। जिस पर मार्च 2022 में ग्राम के जनप्रतिनिधि बुधराम नेताम द्वारा उन्हें योजना का लाभ लेने हेतु सहायता करते हुए जगदलपुर में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के भेंट मुलाकात कार्यक्रम में जाने के संबंध में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री से सहायता हेतु अपील करने को कहा।

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जिस पर 26 मई 2022 को जगदलपुर में नेहल के पिता द्वारा मुख्यमंत्री से सहायता की अपील की।
जहां मुख्यमंत्री द्वारा संवेदनशीलता पूर्वक जल्द से जल्द नेहल की सहायता हेतु स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया। जिस पर तत्परता दिखाते हुए अगले ही दिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के दल द्वारा नेहल के घर पहुंच स्वास्थ्य रिपोर्ट तैयार की गयी। जहां 04 जून को लिमदरहा में अपने कार्यक्रम के दौरान कोण्डागांव विधायक मोहन मरकाम के द्वारा नेहल की चर्चा पर मुख्यमंत्री ने तुंरत राशि जारी कर नेहल का उपचार प्रारंभ करवाने के निर्देश दिये। जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए 06 जून को अधिकारियों द्वारा विभागीय कार्यवाही पूर्ण कर 20 लाख रूपये नेहल के पिता के खाते में अंतरित कर दिये गये।


राशि प्राप्त होते ही नेहल के पिता उसे लेकर चेन्नई पहुंचे। जहां प्रारंभिक जांच के उपरांत डॉक्टरों द्वारा 28 लाख रूपयों के खर्च होने की बात बतायी, जिस पर पुनः नेहल के परिजन 08 लाख रूपयों की कमी को लेकर चिन्तित हो गये। परिजनों ने जैसे-तैसे कर कुछ रूपये जोड़े जो फिर भी पूरे नहीं थे। तब उन्होने प्रतिनिधि के माध्यम से पुनः मुख्यमंत्री से सहायता की गुहार लगायी। जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा स्वेच्छानुदान से नेहल की सहायता हेतु 05 लाख रूपयों की अतिरिक्त सहायता परिजनों को दी। जिससे परिजनों की चिन्ता दूर हुई। जिसके पश्चात 35 दिन लम्बे चले उपचार के उपरांत नेहल ने अंततः तीन वर्षों बाद कैंसर को हरा दिया।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।