सरगुजा। अंबिकापुर में पिछले दिनों प्लास्टिक व पटाखा दुकान में लगी भीषण आग के बाद पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर आईजी सरगुजा रेंज, दीपक कुमार झा ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने एसएसपी सरगुजा, राजेश कुमार अग्रवाल को नोटिस जारी कर पूछा है, घटना के बाद विस्फोटक अधिनियम की धाराएं क्यों नहीं जोड़ी गई। थाना प्रभारी अंबिकापुर से इस संबंध में स्पष्टीकरण सहित सात दिनों के भीतर जवाब पेश करने का निर्देश दिया गया है। बताया जा रहा है कि व्यावसायी द्वारा बिना लाइसेंस के ही यहां पटाखे का स्टॉक रखा गया था।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते हुई घटना

दरअसल बीते 23 अप्रैल को अंबिकापुर के राम मंदिर रोड स्थित ‘मुकेश पटाखा एवं प्लास्टिक गोदाम’ में अचानक भीषण आग लग गई। यहां घनी आबादी वाले क्षेत्र में बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण किया गया था। बताया जा रहा है कि गोदाम की छत पर वेल्डिंग कार्य के दौरान निकली चिंगारी ने विस्फोटक सामग्री को आग के हवाले कर दिया, जिससे देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया।

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इस भयावह हादसे में आसपास के कई मकान इसकी चपेट में आ गए और करोड़ों रुपये की संपत्ति जलकर खाक हो गई। घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए।

इस घटना के बाद शहरवासियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। सवाल उठाया गया कि रिहायशी इलाके में आखिर इतनी बड़ी मात्रा में पटाखों का अवैध भंडारण कैसे हो रहा था और जिम्मेदार विभागों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

पहला मौका, जब आईजी ने एसएसपी को जारी किया नोटिस

बताते चलें कि इस तरह का यह पहला मौका है, जब नाराज आईजी ने सीधे एसएसपी को नोटिस जारी कर घटना के बाद विवेचना में लापरवाही बरतने वाले और जरुरी धाराएं ना जोड़ने को लेकर तल्खी दिखाई है और सात दिनों के भीतर जवाब पेश करने कहा है।

आईजी द्वारा जारी नोटिस में लिखा गया है कि प्रकरण में बीएनएस की धारा 324, 326 (छ) बीएनएस एवं विस्फोटक अधिनियम, 1984 की धारा 09 (ख) भी आकर्षित होती है परंतु कायमी के समय उक्त धारा नहीं जोड़ी गई है। जिससे स्पष्ट होता है, प्रकरण की कायमी में लापरवाही बरती गई है।

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पुलिस की कार्रवाई पर उठाये सवाल

पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज ने जारी पत्र में लिखा है, 26 अप्रैल 2026 को थाना अम्बिकापुर में दर्ज अप. क्र. 259/2026 धारा 125, 270, 287 बीएनएस के प्रकरण के प्रथम सूचना पत्र के अवलोकन पर पाया गया कि, 23 अप्रैल .2026 को ब्रम्हपारा घनी रिहायसी व आवासीय क्षेत्र में अवैध रूप से भारी मात्रा में रखे गये पटाखा के भण्डार (दुकान) व गोदाम की छत पर आरोपी द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन न कर वेल्डिंग कराये जाने पर वेल्डिंग की चिंगारी से विस्फोटक पदार्थ होने के कारण आग लगने से आम जीवन को संकटापन्न उत्पन्न हुआ और उक्त घटना से आस-पास के कई मकान व लोग प्रभावित हुए है। जिससे लोगों का बहुत बड़ी मात्रा में नुकसान हुआ है।

संचालक ने दुकान में पटाखा होने से किया था इंकार

दरअसल इस दुकान के मालिक ने घटना के बाद इस बात से साफ इंकार कर दिया कि दुकान में पटाखे का कोई स्टॉक था, जबकि स्थानीय लोगों को इस बात की जानकारी है कि यहां सालों से पटाखे की बिक्री होती आ रही है। इस बीच खुलासा हुआ कि प्रशासन ने इस व्यवसायी को न तो यहां पर पटाखा बेचने की अनुमति दी है, और न ही स्टॉक रखने का लाइसेंस दिया है। बल्कि उसे शहर के बहार पटाखा गोदाम संचालित करने का लाइसेंस जरूर मिला हुआ है। यही वजह है कि व्यावसायी द्वारा दुकान में पटाखे का स्टॉक होने से इंकार किया जा रहा था। उधर प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घटना के बाद से घंटों तक विस्फोट होता रहा।

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इधर इस मामले में पुलिस की भूमिका को देखकर यह साफ नजर आ रहा था कि आरोपी व्यावसायी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसकी आम आवाम और मीडिया में लगातार हो रही चर्चा को देखते हुए आईजी मामले को गंभीरता से लिया और सीधे अपने अधीनस्थ आईजी को शो कॉज नोटिस जारी कर दिया है।