IAS officers joining politics: यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के हाल ही में नौकरी से इस्तीफा देने और राजनीति में आने के संकेतों के बाद नौकरशाहों की सियासी पारी पर नई बहस छिड़ गई है। इस इस्तीफे ने छत्तीसगढ़ के दो चर्चित पूर्व आईएएस अफसरों—अजीत जोगी और ओपी चौधरी के उस फैसले की याद ताजा कर दी है, जिन्होंने लाल बत्ती की गाड़ी छोड़कर राजनीति का रास्ता चुना था।
इनमें से एक अफसर जहां आगे चलकर छत्तीसगढ़ के सबसे पहले मुख्यमंत्री बने, वहीं दूसरे पूर्व कलेक्टर आज प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार में वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
पीएमओ के कॉल पर 1986 में इंदौर कलेक्टर अजीत जोगी ने दिया था इस्तीफा
1968 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी अजीत जोगी सीधी और इंदौर समेत कई प्रमुख जिलों के कलेक्टर रहे। वर्ष 1986 में जब वे इंदौर के कलेक्टर थे, तब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और उनकी कांग्रेसी नेताओं से नजदीकियां थीं। पीएमओ से फोन आने के बाद अजीत जोगी ने 1986 में ही आईएएस पद से इस्तीफा दे दिया। इसके तुरंत बाद कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा भेजा। वे 1986 से 1988 तक राज्यसभा सदस्य रहे और 1998 में रायगढ़ लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।
छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री बने अजीत जोगी
नवंबर 2000 में जब मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ नया राज्य बना, तो परिस्थितियां अजीत जोगी के अनुकूल बनीं। उस समय वे कांग्रेस में सबसे बड़े आदिवासी चेहरे के रूप में उभरे थे। राज्य गठन के बाद अजीत जोगी को छत्तीसगढ़ का पहला मुख्यमंत्री बनाया गया। उन्होंने वर्ष 2000 से 2003 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की कमान संभाली।
रायपुर कलेक्टर ओपी चौधरी ने 2018 में छोड़ी नौकरी
अजीत जोगी के बाद छत्तीसगढ़ कैडर के 2005 बैच के आईएएस अधिकारी ओपी चौधरी ने भी प्रशासनिक सेवा छोड़कर राजनीति में कदम रखा। रायपुर के कलेक्टर रह चुके ओपी चौधरी ने अगस्त 2018 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए। बीजेपी ने उन्हें 2018 के विधानसभा चुनाव में खरसिया सीट से उम्मीदवार बनाया, हालांकि पहली बार में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
पहली हार के बाद संभाली कमान, 64 हजार वोटों से जीतकर बने वित्त मंत्री
2018 में मिली शुरुआती असफलता के बावजूद ओपी चौधरी ने राजनीति में अपना संघर्ष जारी रखा। इसके बाद 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें रायगढ़ सीट से मैदान में उतारा। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को 64,000 से अधिक वोटों के भारी अंतर से हराया। चुनाव जीतने के बाद वे मुख्यमंत्री पद की दौड़ में भी शामिल रहे। वर्तमान में ओपी चौधरी छत्तीसगढ़ सरकार में वित्त मंत्री के रूप में काम कर रहे हैं।
(FAQs)
1. आईएएस दिव्या मित्तल कौन हैं और उन्होंने हाल ही में क्या कदम उठाया है?
दिव्या मित्तल यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी हैं, जिन्होंने अपनी सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है और राजनीति में आने के संकेत दिए हैं।
2. छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी किस बैच के आईएएस थे?
अजीत जोगी 1968 बैच के मध्य प्रदेश कैडर (तत्कालीन एकीकृत एमपी) के आईएएस अधिकारी थे, जिन्होंने 1986 में इस्तीफा दिया था।
3. अजीत जोगी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री कब से कब तक रहे?
अजीत जोगी वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद 2000 से 2003 तक प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रहे।
4. पूर्व आईएएस ओपी चौधरी ने कब इस्तीफा दिया और वे वर्तमान में किस पद पर हैं?
2005 बैच के आईएएस और रायपुर के पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी ने अगस्त 2018 में इस्तीफा दिया था। वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ सरकार में वित्त मंत्री हैं।
5. ओपी चौधरी ने 2023 का विधानसभा चुनाव किस सीट से और कितने वोटों से जीता?
ओपी चौधरी ने 2023 में रायगढ़ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और कांग्रेस उम्मीदवार को करीब 64,000 वोटों से हराकर विधायक बने।



