IPS Vinay Tiwari Gopalganj: गोपालगंज में तटबंध पर रिसाव की खबर मिलते ही एसपी और आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी खुद मौके पर पहुंच गए। रात करीब 9 बजे से वह प्रशासनिक टीम और मजदूरों के साथ बांध की मरम्मत में जुटे रहे। मजदूर कम पड़े तो उन्होंने खुद रेत की बोरियां उठाईं और रिसाव वाली जगह पर रखवाईं।
रात से लेकर दिन तक वह मौके पर डटे रहे। रिसाव रुकने के बाद ही उन्होंने काम पूरा माना। अपने अफसर को इस तरह काम करते देख पुलिस के जवान और प्रशासनिक टीम भी हैरान रह गई।
मजदूर कम पड़े तो खुद उठाई बोरी
बांध पर रिसाव शुरू होने की सूचना मिलते ही विनय तिवारी मौके पर पहुंचे। वहां मरम्मत का काम चल रहा था। रात के समय मजदूरों की संख्या कम पड़ने लगी तो एसपी खुद काम में लग गए। उन्होंने रेत की बोरियां उठाईं और रिसाव वाली जगह पर रखना शुरू किया। प्रशासनिक टीम के साथ पुलिस के जवान भी बांध को सुरक्षित करने में जुटे थे। विनय तिवारी रातभर मौके पर बने रहे। सुबह तक रिसाव रोकने का काम चलता रहा। दिन में जब रिसाव रुक गया, तब जाकर उन्होंने राहत की सांस ली।
कौन हैं IPS विनय तिवारी?
विनय तिवारी उत्तर प्रदेश के ललितपुर के रहने वाले हैं। वह किसान परिवार से आते हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूलों और सरस्वती शिशु मंदिर में हुई। उन्होंने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई हिंदी माध्यम से की। साल 2008 में उन्होंने IIT पास किया। इसके बाद IIT BHU से सिविल इंजीनियरिंग में BTech की डिग्री हासिल की। कुछ समय तक उन्होंने निजी नौकरी भी की। लेकिन समाज के लिए काम करने की इच्छा ने उन्हें सिविल सेवा की तैयारी की ओर मोड़ दिया। साल 2014 में उनका चयन UPSC के जरिए IPS के लिए हुआ। उन्होंने 193वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने बिहार कैडर चुना।
पटना के सिटी SP भी रह चुके हैं
विनय तिवारी साल 2020 में पटना के सिटी SP की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसी दौरान अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत के मामले की जांच के लिए उन्हें मुंबई भेजा गया था। मुंबई पहुंचने के बाद उन्हें क्वारंटीन कर दिया गया था। इसके बावजूद उन्होंने जांच में अपनी भूमिका जारी रखी। उस समय उनका बयान भी काफी चर्चा में रहा था। उन्होंने कहा था कि उन्हें नहीं, बल्कि जांच को ही क्वारंटीन कर दिया गया है।
विधायक की गिरफ्तारी से लेकर थानेदार पर कार्रवाई तक
समस्तीपुर में एसपी रहते हुए विनय तिवारी ने एक हत्याकांड के मामले में कार्रवाई की थी। FIR के आधार पर चर्चित विधायक रामबालक सिंह को गिरफ्तार किया गया था। गोपालगंज में भी उन्होंने अपने ही विभाग के एक थानेदार के खिलाफ कार्रवाई की। जादोपुर थाने के तत्कालीन थानेदार अनिल राम पर आरोप था कि उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर गाय खरीदने आई एक महिला और उसकी बेटी को गैरकानूनी तरीके से 36 घंटे तक हवालात में रखा और घूस मिलने के बाद छोड़ा। मामले की जानकारी मिलने के बाद विनय तिवारी ने जांच कराई। इसके बाद थानेदार, ड्राइवर और चौकीदार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। गोपालगंज के विधायक पप्पू पांडेय पर जमीन कब्जे के मामले में भी एसपी ने कार्रवाई की थी। वहीं, मोकामा के विधायक अनंत सिंह के एक नाच कार्यक्रम के मामले में भी मुकदमा दर्ज कराया गया था।
जांच के लिए मिल चुका है गृह मंत्रालय का सम्मान
विनय तिवारी को जांच के क्षेत्र में भी सम्मान मिल चुका है। उन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से Home Minister’s Medal for Excellence in Investigation से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान बेहतरीन जांच के लिए पुलिस अधिकारियों को दिया जाता है।
IPS के साथ कवि भी हैं विनय तिवारी
विनय तिवारी का एक अलग पक्ष उनका कवि हृदय भी है। वह सोशल मीडिया और अपनी डायरी में कविताएं लिखते हैं। उनकी एक कविता का शीर्षक ‘एक छोटी सी ईंट उठाना’ है। इस कविता में उन्होंने मुश्किल और अनिश्चित परिस्थितियों के बीच उम्मीद और स्पष्टता की बात कही है।
बाढ़ राहत से लेकर कानून व्यवस्था तक
विनय तिवारी की कार्यशैली में एक तरफ बाढ़ जैसी स्थिति में मौके पर रहकर काम करना दिखाई देता है, तो दूसरी तरफ कानून व्यवस्था के मामलों में सख्त कार्रवाई भी उनके काम का हिस्सा रही है। गोपालगंज में बांध के रिसाव के दौरान उनका रातभर मौके पर रहना इसी तस्वीर का एक उदाहरण है। इस दौरान उन्होंने सिर्फ अधिकारियों को निर्देश नहीं दिए, बल्कि जरूरत पड़ने पर खुद रेत की बोरी उठाकर मरम्मत के काम में हाथ बंटाया।
(FAQs)
Q1. गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी ने तटबंध पर खुद काम क्यों शुरू किया?
उत्तर: गंडक नदी के तटबंध में रिसाव की खबर मिलने पर वे मौके पर पहुंचे और मजदूरों की कमी देखकर खुद बालू की बोरियां उठाने लगे ताकि समय रहते रिसाव रोका जा सके।
Q2. आईपीएस विनय तिवारी ने किस संस्थान से बीटेक किया है?
उत्तर: विनय तिवारी ने आईआईटी बीएचयू से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की है।
Q3. सुशांत सिंह राजपूत केस में आईपीएस विनय तिवारी क्यों चर्चा में आए थे?
उत्तर: साल 2020 में पटना के सिटी एसपी रहते हुए वे जांच के लिए मुंबई गए थे, जहां मुंबई पुलिस ने उन्हें क्वारंटीन कर दिया था।
Q4. हाल ही में एसपी विनय तिवारी ने अपने ही थानेदार पर क्या कार्रवाई की थी?
उत्तर: उन्होंने जादोपुर थाने के थानेदार अनिल राम, ड्राइवर और चौकीदार को महिला और उसकी बेटी को अवैध रूप से हिरासत में रखने और घूस लेने के आरोप में जेल भिजवा दिया था।
Q5. आईपीएस विनय तिवारी को गृह मंत्रालय से कौन-सा सम्मान मिल चुका है?
उत्तर: उन्हें बेहतरीन जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा ‘Home Minister’s Medal for Excellence in Investigation’ से सम्मानित किया जा चुका है।



