IAS Shweta Agarwal Success Story: पश्चिम बंगाल के हुगली जिले की रहने वाली एक किराना दुकानदार की बेटी श्वेता अग्रवाल ने सामाजिक दबाव और रिश्तेदारों के तानों को पीछे छोड़ते हुए 2016 की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 19वीं रैंक हासिल कर IAS बनने का अपना सपना पूरा किया।
श्वेता ने लगातार मेहनत के बल पर तीन बार UPSC परीक्षा पास की। पहले प्रयास में IRS और दूसरे में IPS बनने के बावजूद उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा और आखिरकार पूरे पश्चिम बंगाल में टॉप करते हुए IAS का पद हासिल किया।
रूढ़िवादी माहौल के बीच परिवार का मिला साथ
श्वेता का पालन-पोषण एक ऐसे रूढ़िवादी माहौल में हुआ, जहां लड़कियों की शिक्षा से ज्यादा घरेलू काम और शादी को प्राथमिकता दी जाती थी। इसके बावजूद उनके माता-पिता ने सामाजिक सोच के खिलाफ जाकर अपनी बेटी की क्षमता पर भरोसा जताया। उन्होंने श्वेता का दाखिला एक अच्छे अंग्रेजी माध्यम स्कूल में कराया। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद श्वेता ने कोलकाता के प्रतिष्ठित सेंट जेवियर्स कॉलेज से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया। वह अपने परिवार में स्नातक करने वाली पहली लड़की बनीं।
रिश्तेदारों के तानों से मजबूत हुआ इरादा
कॉलेज की पढ़ाई के दौरान श्वेता को रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से काफी ताने सुनने को मिले। लोग कहते थे कि इतनी पढ़ाई-लिखाई के बाद भी आखिरकार घर का काम ही संभालना है। इन बातों से निराश होने के बजाय श्वेता का इरादा और मजबूत हो गया। उनके भीतर प्रशासनिक अधिकारी बनकर खुद को साबित करने की जिद पैदा हुई।
कॉरपोरेट नौकरी छोड़ी और UPSC की तैयारी में जुटीं
ग्रेजुएशन के बाद श्वेता को एक अच्छी कंपनी में कॉरपोरेट नौकरी मिल गई, जहां करियर का सुरक्षित विकल्प मौजूद था। हालांकि, देश सेवा और प्रशासनिक अधिकारी बनने के अपने मुख्य लक्ष्य को पाने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी। इसके बाद वह पूरी तरह UPSC की तैयारी में जुट गईं। इस दौरान भी परिवार और रिश्तेदारों की तरफ से उन पर शादी का लगातार दबाव बनाया जाता रहा, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया।
IRS और IPS बनने के बाद भी जारी रखी कोशिश
श्वेता ने साल 2013 में पहली बार UPSC सिविल सेवा परीक्षा दी और ऑल इंडिया 497वीं रैंक के साथ भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में चुनी गईं। इसके बाद उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और 141वीं रैंक लाकर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चयनित हुईं। IPS बनने के बाद भी उनका मुख्य सपना IAS बनने का था। आखिरकार 2016 की सिविल सेवा परीक्षा में तीसरे प्रयास में उन्होंने 19वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की और पूरे पश्चिम बंगाल में टॉप कर अपना IAS बनने का सपना साकार किया।
5 FAQs
1. श्वेता अग्रवाल कौन हैं?
श्वेता अग्रवाल पश्चिम बंगाल के हुगली जिले की रहने वाली हैं, जिन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा तीन बार पास की।
2. श्वेता अग्रवाल ने पहली बार UPSC में कौन सी रैंक हासिल की?
2013 में उन्होंने ऑल इंडिया 497वीं रैंक हासिल की और IRS के लिए चुनी गईं।
3. श्वेता अग्रवाल दूसरी बार UPSC में कितनी रैंक लाई थीं?
दूसरे प्रयास में उन्होंने 141वीं रैंक हासिल की और IPS के लिए चुनी गईं।
4. श्वेता अग्रवाल ने IAS बनने के लिए कौन सी रैंक हासिल की?
2016 की सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया 19वीं रैंक हासिल की और पश्चिम बंगाल में टॉप किया।
5. श्वेता अग्रवाल ने UPSC की तैयारी के लिए क्या किया?
कॉलेज के बाद मिली कॉरपोरेट नौकरी छोड़कर उन्होंने पूरी तरह UPSC की तैयारी पर ध्यान दिया।


