Reliance Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को सेबी की मंजूरी, जानें ​कब होगी शेयर बाजार में एंट्री
Reliance Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को सेबी की मंजूरी, जानें ​कब होगी शेयर बाजार में एंट्री

Reliance Jio Platforms IPO: नई दिल्ली/मुंबई। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी ने रिलायंस समूह की दूरसंचार कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को मंजूरी दे दी है। जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 जून को आईपीओ के लिए जरूरी दस्तावेज सेबी के पास जमा किए थे। अब कंपनी आईपीओ की आगे की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ देश के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल हो सकता है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। इससे कंपनी में करीब 2.93 प्रतिशत नई हिस्सेदारी बाजार में आएगी।

आईपीओ से मिलने वाली रकम में से करीब 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा। इससे कंपनी पर कर्ज का बोझ कम करने में मदद मिलेगी।

जियो प्लेटफॉर्म्स में किसकी कितनी हिस्सेदारी

जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे बड़ी हिस्सेदार है। कंपनी के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके बाद मेटा के पास 9.98 प्रतिशत और गूगल के पास 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा सऊदी अरब के सार्वजनिक निवेश कोष के पास 2.31 प्रतिशत हिस्सेदारी है। केकेआर और विस्टा इक्विटी पार्टनर्स के पास भी 2.31-2.31 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

See also  काेराेना इफेक्टः फाेर्ब्स की सूची से 12 दिन में 226 दाैलतमंद बाहर हुए, बिल गेट्स ने बचाई रैंकिंग, मुकेश अंबानी 21वीं रैंक पर खिसके

जियो प्लेटफॉर्म्स में सिल्वर लेक के पास 1.88 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं मुबाडाला के पास 1.85 प्रतिशत, जनरल अटलांटिक सिंगापुर के पास 1.34 प्रतिशत, अबू धाबी निवेश प्राधिकरण के पास 1.16 प्रतिशत और टीपीजी कैपिटल के पास 0.93 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के बाजार में आने के बाद निवेशकों की नजर कंपनी के शेयर मूल्य और आईपीओ के आकार पर रहेगी। अगर कंपनी का आईपीओ सफल रहता है, तो यह भारतीय शेयर बाजार के बड़े आईपीओ में अपनी जगह बना सकता है।

Reliance Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रमोटर से जुड़ी जानकारी

  1. जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रमोटर कौन है?
    जियो प्लेटफॉर्म्स की सबसे बड़ी हिस्सेदार रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) है। कंपनी के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की करीब 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसलिए जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की प्रमुख भूमिका है।
  2. जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की कितनी हिस्सेदारी है?
    रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की करीब 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह कंपनी की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है।
  3. क्या मुकेश अंबानी जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रमोटर हैं?
    जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रमुख स्वामित्व रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास है। मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स का नियंत्रण रिलायंस समूह के पास है।
  4. जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की भूमिका क्या है?
    रिलायंस इंडस्ट्रीज जियो प्लेटफॉर्म्स की प्रमुख शेयरधारक और नियंत्रक कंपनी है। जियो की डिजिटल और दूरसंचार से जुड़ी कई प्रमुख सेवाएं इसी समूह के तहत संचालित होती हैं।
  5. क्या जियो प्लेटफॉर्म्स में विदेशी निवेशकों की भी हिस्सेदारी है?
    हां। जियो प्लेटफॉर्म्स में कई बड़े वैश्विक निवेशकों की हिस्सेदारी है। इनमें मेटा, गूगल, सऊदी अरब का सार्वजनिक निवेश कोष, केकेआर, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, सिल्वर लेक, मुबाडाला, जनरल अटलांटिक, अबू धाबी निवेश प्राधिकरण और टीपीजी कैपिटल शामिल हैं।
  6. जियो प्लेटफॉर्म्स में मेटा की कितनी हिस्सेदारी है?
    मेटा के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की करीब 9.98 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद प्रमुख निवेशकों में शामिल है।
  7. जियो प्लेटफॉर्म्स में गूगल की कितनी हिस्सेदारी है?
    गूगल के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की करीब 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
  8. जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रमुख निवेशक कौन-कौन हैं?
    जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज के अलावा कई बड़े वैश्विक निवेशक हैं। इनमें मेटा और गूगल की हिस्सेदारी सबसे प्रमुख है। इसके अलावा केकेआर, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, सिल्वर लेक, मुबाडाला, जनरल अटलांटिक, सऊदी अरब का सार्वजनिक निवेश कोष, अबू धाबी निवेश प्राधिकरण और टीपीजी कैपिटल जैसे निवेशक भी शामिल हैं।
  9. क्या आईपीओ के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स में प्रमोटर की हिस्सेदारी घटेगी?
    आईपीओ में नए शेयर जारी किए जाने के कारण कंपनी की कुल शेयर संख्या बढ़ेगी। इससे मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी का प्रतिशत कम हो सकता है। हालांकि, प्रमोटर की हिस्सेदारी में वास्तविक बदलाव आईपीओ के अंतिम ढांचे और शेयर जारी होने के बाद की स्थिति पर निर्भर करेगा।
  10. जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में कितने नए शेयर जारी होंगे?
    कंपनी आईपीओ के तहत करीब 27 करोड़ नए शेयर जारी करने की योजना बना रही है। इससे कंपनी में करीब 2.93 प्रतिशत नई हिस्सेदारी आएगी।
See also  रिलायंस और फ्यूचर समूह की डील को CCI की मंजूरी,दिग्गज अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन को बड़ा झटका