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RBI repo rate hike October 2026: लोन लेने वालों के लिए बड़ी खबर: अक्टूबर से बढ़ सकती है आपकी EMI, जानिए SBI रिसर्च रिपोर्ट का नया दावा

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तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

RBI repo rate hike October 2026 : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आगामी अक्टूबर में रेपो रेट में बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे बैंक से लोन लेने वाले ग्राहकों की मंथली ईएमआई (EMI) बढ़ सकती है। एसबीआई रिसर्च की ‘इकोव्रैप’ रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई हैं।

इसके चलते अक्टूबर और नवंबर में महंगाई दर 6.5 प्रतिशत या उससे अधिक होने की आशंका है। इसी महंगाई को नियंत्रित करने के लिए रिजर्व बैंक ब्याज दरें बढ़ाने का कदम उठा सकता है, जिसका सीधा असर फ्लोटिंग रेट पर होम, कार या एजुकेशन लोन लेने वालों की जेब पर पड़ेगा।

दिसंबर तक कुल 50 बेसिस पॉइंट्स बढ़ोतरी का अनुमान

एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, रिजर्व बैंक अक्टूबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स (bps) की बढ़ोतरी कर सकता है। इतना ही नहीं, रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि दिसंबर में भी रेपो रेट में 25 bps का इजाफा किया जा सकता है। इसका मतलब है कि इस साल दिसंबर तक रेपो रेट में कुल 50 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

कच्चे तेल में उछाल और महंगाई का दबाव

मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव गहराने की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में तेजी से उछाल आया है। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है। यदि कच्चे तेल की कीमतों में जल्द कमी नहीं आती है, तो भारत में भी आने वाले दिनों में महंगाई का दबाव बढ़ेगा। एसबीआई रिसर्च का आकलन है कि महंगे क्रूड ऑयल के कारण अक्टूबर और नवंबर के महीनों में खुदरा महंगाई 6.5 फीसदी या इससे ऊपर जा सकती है।

आपकी ईएमआई पर कैसे पड़ेगा असर?

यदि रिजर्व बैंक अक्टूबर में रेपो रेट बढ़ाता है, तो वाणिज्यिक बैंक भी अपने लोन की ब्याज दरों में वृद्धि करेंगे। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव उन लोगों पर पड़ेगा जिन्होंने फ्लोटिंग रेट पर लोन ले रखा है। ऐसे ग्राहकों की मासिक ईएमआई में बढ़ोतरी देखी जा सकती है। हालांकि ईएमआई में कितना इजाफा होगा, यह पूरी तरह से संबंधित बैंक द्वारा ब्याज दर में किए जाने वाले बदलाव पर निर्भर करेगा।

ईएमआई और बजट संभालने के लिए ध्यान रखें ये बातें

यदि आपने बैंक से लोन ले रखा है या नया लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो इन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखें:

  • ब्याज दर की जांच करें: सबसे पहले अपने लोन की मौजूदा ब्याज दर को चेक करें।
  • लोन का प्रकार देखें: यह सुनिश्चित करें कि आपका लोन फ्लोटिंग रेट पर है या फिक्स्ड रेट पर।
  • बैंक से जानकारी लें: अपने बैंक से संपर्क कर यह पता करें कि ब्याज दर बढ़ने पर आपकी ईएमआई में कितना बदलाव होगा।
  • मासिक बजट रीसेट करें: ईएमआई में बढ़ोतरी होने की स्थिति में अपने घर का मासिक बजट उसी हिसाब से दोबारा तैयार करें।
  • नए लोन के लिए तुलना करें: अगर नया लोन लेने जा रहे हैं, तो आवेदन करने से पहले अलग-अलग बैंकों की ईएमआई और ब्याज दरों की तुलना जरूर करें।

5 FAQs

1. SBI Research ने रेपो रेट को लेकर क्या अनुमान लगाया है?
SBI Research के मुताबिक, अक्टूबर में 25 बेसिस पॉइंट और दिसंबर में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हो सकती है।

2. दिसंबर तक रेपो रेट कितने बेसिस पॉइंट बढ़ने का अनुमान है?
दोनों बढ़ोतरी होने पर कुल 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हो सकती है।

3. रेपो रेट बढ़ने से EMI पर क्या असर पड़ सकता है?
फ्लोटिंग रेट वाले लोन की ब्याज दर बढ़ सकती है, जिससे EMI या लोन की अवधि में बदलाव हो सकता है।

4. कच्चे तेल की कीमतों का रेपो रेट से क्या संबंध है?
SBI Research ने ऊंची कच्चे तेल की कीमतों को महंगाई के जोखिम से जोड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, तेल की कीमत ऊंची रहने पर अक्टूबर-नवंबर में महंगाई 6.5 प्रतिशत या उससे ज्यादा हो सकती है।

5. क्या रेपो रेट बढ़ाना RBI का तय फैसला है?
नहीं। यह SBI Research का अनुमान और सिफारिश है। रेपो रेट पर अंतिम फैसला RBI की मौद्रिक नीति समिति करती है।

Deeksha Mishra
लेखक / पत्रकार:

Deeksha Mishra

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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