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Stock Market Muhurat Trading 2026: 10 में 8 बार चढ़ा शेयर बाजार, 8 नवंबर को इस समय होगी ट्रेडिंग

Stock Market Muhurat Trading 2026: 10 में 8 बार चढ़ा शेयर बाजार, 8 नवंबर को इस समय होगी ट्रेडिंग
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
खास बातें (Key Highlights)
  • Muhurat Trading 2026: दिवाली के मौके पर शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए अहम खबर है।
  • भारतीय शेयर बाजार में रविवार, 8 नवंबर को मुहूर्त ट्रेडिंग का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा।
  • इस दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक कारोबार होगा।
  • यानी निवेशकों को ट्रेडिंग के लिए कुल 70 मिनट का समय मिलेगा।

नई दिल्ली/मुंबई। Muhurat Trading 2026: दिवाली के मौके पर शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए अहम खबर है। भारतीय शेयर बाजार में रविवार, 8 नवंबर को मुहूर्त ट्रेडिंग का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इस दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक कारोबार होगा। यानी निवेशकों को ट्रेडिंग के लिए कुल 70 मिनट का समय मिलेगा।

दिवाली के साथ हिंदू नववर्ष संवत 2083 की शुरुआत होगी। परंपरागत रूप से मुहूर्त ट्रेडिंग को निवेश और कारोबार की नई शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है। यही वजह है कि हर साल छोटे निवेशकों से लेकर बड़े बाजार सहभागियों तक इस विशेष सत्र में खरीदारी करते हैं।

Muhurat Trading 2026: कब खुलेगा शेयर बाजार?

आमतौर पर रविवार को शेयर बाजार बंद रहता है, लेकिन दिवाली के अवसर पर एक्सचेंज विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र आयोजित करते हैं। इस साल 8 नवंबर को NSE और BSE में विशेष कारोबार होगा।

मुहूर्त ट्रेडिंग का मुख्य सत्र दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक निर्धारित है। इससे पहले दोपहर 2:05 बजे से 2:20 बजे तक प्री-ओपन सत्र होगा।

मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 का शेड्यूल:

विवरणसमय
तारीखरविवार, 8 नवंबर 2026
प्री-ओपन सत्रदोपहर 2:05 से 2:20 बजे
सामान्य इक्विटी ट्रेडिंगदोपहर 2:20 से 3:30 बजे
कुल ट्रेडिंग समय70 मिनट
एक्सचेंजNSE और BSE

इस विशेष सत्र में सामान्य कारोबारी दिनों की तरह पूरे दिन ट्रेडिंग नहीं होगी। निवेशकों को निर्धारित समय के भीतर ही अपने सौदे पूरे करने होंगे।

पिछले 10 साल में 8 बार चढ़ा निफ्टी, जानें पूरा रिकॉर्ड

मुहूर्त ट्रेडिंग के पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो शेयर बाजार का प्रदर्शन ज्यादातर सकारात्मक रहा है। साल 2016 से 2025 के बीच 10 विशेष सत्रों में से 8 बार निफ्टी 50 बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि दो बार इसमें गिरावट दर्ज की गई।

हालांकि, मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान बाजार में तेजी आमतौर पर सीमित रही है। ज्यादातर वर्षों में निफ्टी की बढ़त एक प्रतिशत से कम रही। साल 2022 में मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान निफ्टी ने 0.88 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की थी, जो इस 10 साल की अवधि में सबसे अधिक रही।

पिछले 10 साल का मुहूर्त ट्रेडिंग रिकॉर्ड

वर्षनिफ्टी 50 का रिटर्न
2025+0.10%
2024+0.41%
2023+0.52%
2022+0.88%
2021+0.49%
2020+0.47%
2019+0.37%
2018+0.65%
2017-0.63%
2016-0.14%

इन आंकड़ों से साफ है कि मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान बाजार का रुख ज्यादातर सकारात्मक रहा है। हालांकि, सिर्फ पिछले प्रदर्शन के आधार पर यह अनुमान नहीं लगाया जा सकता कि इस बार भी बाजार में तेजी ही आएगी।

2025 में कैसी रही थी मुहूर्त ट्रेडिंग?

पिछले साल यानी 2025 में मुहूर्त ट्रेडिंग का विशेष सत्र 21 अक्टूबर को आयोजित किया गया था। इस दौरान निफ्टी 50 में 0.10 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई थी।

यह तेजी पिछले वर्षों की तुलना में सीमित रही। इसके बावजूद बाजार का कारोबार सकारात्मक दायरे में बंद हुआ था। निवेशकों ने दिवाली के मौके पर नए संवत की शुरुआत के साथ शेयर बाजार में भागीदारी की थी।

क्या मुहूर्त ट्रेडिंग में निवेश करना फायदेमंद होता है?

मुहूर्त ट्रेडिंग को भारतीय शेयर बाजार की एक खास परंपरा माना जाता है। कई निवेशक इस दिन शुभ शुरुआत के तौर पर शेयर खरीदते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी शुभ मुहूर्त में किया गया निवेश मुनाफे की गारंटी नहीं देता।

निवेश करने से पहले कंपनी के फंडामेंटल, शेयर की वैल्यूएशन और बाजार की स्थिति का आकलन करना जरूरी है। केवल परंपरा या पिछले वर्षों के सकारात्मक रिटर्न को देखकर निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए।

इसलिए 8 नवंबर को होने वाली मुहूर्त ट्रेडिंग में निवेशक अपनी वित्तीय योजना और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार ही फैसला लें।

The Rural Press ब्यूरो
लेखक / पत्रकार:

The Rural Press ब्यूरो

सम्पादकीय डेस्क (The Rural Press Editorial Team)

द रूरल प्रेस केंद्रीय सम्पादकीय मंडल एवं राज्य ब्यूरो नेटवर्क

The Rural Press की विशेष सम्पादकीय एवं ग्रामीण खोजी पत्रकारिता टीम। जमीनी मुद्दों, कृषि संकट और निष्पक्ष जनसरोकार की विश्वसनीय रिपोर्टिंग।

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