Ayodhya Deepotsav 2026 Saryu Ghat: उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक नगरी अयोध्या इस समय पूरी तरह से दीपोत्सव के रंग में रंग चुकी है। दीपावली के पावन पर्व से एक दिन पहले आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। सरयू तट पर इस वर्ष लगभग 30 लाख दीये जलाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया जा रहा है।
साल 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू हुई इस परंपरा ने आज वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बना ली है, जिससे पूरी राम नगरी रोशनी से सराबोर नजर आ रही है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और सीएम योगी
इस विशेष अवसर पर देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में अयोध्या पहुंचे। उनके साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दीपोत्सव कार्यक्रम में शिरकत की। इन सभी गणमान्य अतिथियों ने भव्य रूप से सजे सरयू तट पर प्रभु श्रीरामलला की आरती उतारी और आशीर्वाद लिया। इस दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंददेव गिरि ने उपराष्ट्रपति का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया और कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की।
राम की पैड़ी पर शुरू हुआ दीयों को प्रज्वलित करने का सिलसिला
दीपोत्सव के मुख्य आकर्षण का केंद्र रही राम की पैड़ी, जहां वालंटियर्स और बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं द्वारा दीयों को व्यवस्थित ढंग से जलाने का कार्य आरंभ हुआ। सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजामों کے बीच 30 लाख दीयों की जगमगाहट से पूरी राम की पैड़ी का कोना-कोना चमक उठा। इस अदभुत दृश्य को देखने के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु और पर्यटक अयोध्या पहुंचे हैं, जो इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बन रहे हैं।
लेजर शो और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन
दीपोत्सव के इस पावन अवसर पर आयोजित भव्य लेजर शो ने अयोध्या के वातावरण को और भी अधिक अलौकिक बना दिया। अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किए गए प्रकाश और ध्वनि के इस शो ने भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र और प्रसंगों को जीवंत कर दिया। लेजर शो की रंग-बिरंगी रोशनी ने सरयू नदी के घाटों और मंदिरों को एक अलग ही दिव्यता प्रदान की, जिसे देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध नजर आया।
“अयोध्या के कण-कण में बसे हैं भगवान राम”: सीएम योगी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या के कण-कण में भगवान राम का वास है। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि प्रभु श्रीराम केवल हमारी आस्था का केंद्र नहीं हैं, बल्कि यह देश की चेतना, संस्कृति और आत्मसम्मान का प्रतीक हैं। सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से आज अयोध्या अपनी खोई हुई सांस्कृतिक विरासत को पुन: प्राप्त कर रही है और वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक चमकते हुए केंद्र के रूप में उभर रही है।
हेलीकॉप्टर से राम-लक्ष्मण और सीता का प्रतीकात्मक आगमन
अयोध्या के इस दसवें दीपोत्सव में उस समय एक अद्भुत और मनमोहक दृश्य देखने को मिला जब हेलीकॉप्टर के माध्यम से भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण का प्रतीकात्मक रूप से आगमन हुआ। सरयू तट पर उतरने के बाद हनुमान का रूप धरे छोटे-छोटे बच्चों ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस मनमोहक प्रस्तुति ने त्रेतायुग के स्मरण को ताजा कर दिया, और उपस्थित सभी जनसमूह ने ‘जय श्री राम’ के उद्घोष के साथ इस भव्य स्वागत का अभिनंदन किया।



