छत्तीसगढ़ आंगनवाड़ी न्योता भोज अभियान 2026

टीआरपी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ के आंगनबाड़ी केन्द्रों में संचालित ‘न्योता भोज’ कार्यक्रम पोषण और जनभागीदारी का एक बड़ा राज्यव्यापी अभियान बन गया है। जनवरी से फरवरी 2026 के बीच प्रदेश भर में आयोजित 9,763 कार्यक्रमों के जरिए 1,83,927 बच्चों को पौष्टिक भोजन परोसा गया है।

यह अभियान ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए अतिरिक्त पोषण सुनिश्चित कर रहा है। सामुदायिक भागीदारी से न केवल कुपोषण के खिलाफ लड़ाई मजबूत हो रही है, बल्कि समाज में बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रति आकर्षण भी बढ़ रहा है।

अभियान का विस्तार और सफलता

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल के शुरुआती दो महीनों में ही 9,700 से अधिक आयोजन सफल रहे हैं। इस कार्यक्रम के तहत स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और दानदाता अपने जीवन के विशेष अवसरों जैसे जन्मदिन या वर्षगांठ पर आंगनबाड़ी के बच्चों के साथ खुशियाँ और भोजन साझा कर रहे हैं।

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विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में मील का पत्थर साबित हो रही है। शासन की इस अपील का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है, जहाँ लोग बढ़-चढ़कर अपना योगदान दे रहे हैं।

जिलेवार आंकड़े: कहाँ कितने बच्चे हुए लाभान्वित

प्रदेश के विभिन्न जिलों में इस अभियान को लेकर भारी उत्साह देखा गया है:

जिलाआयोजनों की संख्यालाभान्वित बच्चे
बिलासपुर88418,703
कोरबा72013,944
धमतरी60611,228
जांजगीर-चांपा43910,518
रायगढ़6909,835
महासमुंद4157,302
कांकेर6367,915

कुल 1.83 लाख से अधिक बच्चों को प्रदेश स्तर पर दो महीने में लाभ मिला।

बिलासपुर जिले ने सर्वाधिक 884 आयोजनों के साथ सूची में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

राज्य शासन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अपने पारिवारिक उत्सवों को आंगनबाड़ी के बच्चों के साथ मनाएं। आने वाले समय में इस अभियान को और अधिक सुव्यवस्थित करने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग और नए दानदाताओं को जोड़ने की योजना है ताकि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सके।

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