छत्तीसगढ़ में 1 जून से 29 जुलाई तक औसतन 485.9 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है।
छत्तीसगढ़ में 1 जून से 29 जुलाई तक औसतन 485.9 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है।

Chhattisgarh ka Mausam: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 29 जुलाई को देश के 22 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, अंधड़ और वज्रपात की गंभीर चेतावनी जारी की है। उत्तरी आंतरिक ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना गहरा दबाव 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह तंत्र अगले 24 घंटों के दौरान उत्तरी ओडिशा, दक्षिणी झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ को पार करेगा। इसके सीधे प्रभाव से मैदानी इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी स्थिति उत्पन्न होने का खतरा मंडरा रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर सबसे उग्र रहने वाला है। राजधानी दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, पटना, जयपुर, भोपाल और चंडीगढ़ जैसे 7 बड़े महानगरों में पूरे दिन घने बादल छाए रहेंगे। इन शहरों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है। आपातकालीन स्थिति को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में प्रशासन ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर स्थानीय निकायों को मुस्तैद कर दिया है।

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प्रमुख राज्यों के मौसम का हाल
छत्तीसगढ़:
रायपुर में मूसलाधार बारिश और अंधड़ की संभावना है। बिलासपुर में जलभराव, दुर्ग में बिजली गिरने और जगदलपुर में नदी-नालों के उफान पर आने की चेतावनी दी गई है।

उत्तर प्रदेश: लखनऊ में दिन भर कई स्पेल में मध्यम से भारी बारिश होगी। कानपुर में जलभराव, वाराणसी में आकाशीय बिजली और आगरा में रुक-रुक कर तेज बारिश का अंदेशा है।

मध्य प्रदेश: भोपाल में काले बादलों के साथ भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इंदौर में 30-40 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी, जबकि जबलपुर में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ सकता है।

महाराष्ट्र: मुंबई और कोंकण तटीय इलाकों में ऊंची लहरें उठने और भारी बारिश की चेतावनी है। पुणे के घाट क्षेत्रों में भूस्खलन और नागपुर व नासिक में तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार हैं।

बिहार: पटना में घने बादलों के बीच कई स्पेल में बारिश होगी। गया में वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों पर न जाने की सलाह दी गई है।

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बंगाल की खाड़ी में क्या है हलचल ?
यह भीषण मौसमी फेरबदल बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हुए गहरे दबाव (Deep Depression) का परिणाम है। इससे पहले भी इस मानसूनी सीजन में ओडिशा और बंगाल के तटीय इलाकों में चक्रवातीय परिसंचरण के चलते भारी बारिश दर्ज की गई थी। हालांकि, इस बार निर्मित हुआ तंत्र अधिक व्यापक और शक्तिशाली है, जो मध्य भारत से होते हुए उत्तर-पश्चिमी राज्यों की ओर अग्रसर हो रहा है। इसके कारण न केवल नदियां उफान पर हैं, बल्कि कई राज्यों में पिछले सप्ताह की तुलना में इस बार ज्यादा तबाही देखने को मिल सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  • 29 जुलाई को देश में मौसम कैसा रहने वाला है?
    देश के 22 से अधिक राज्यों में तेज हवाओं, गरज-चमक और मूसलाधार बारिश का गंभीर अलर्ट जारी किया गया है।
  • किस मौसमी तंत्र के कारण इतनी भारी बारिश हो रही है?
    उत्तरी ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना गहरा दबाव (Deep Depression) 12 किमी/घंटा की गति से आगे बढ़ रहा है, जिससे यह स्थिति बनी है।
  • कौन से 5 राज्य बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे?
    उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश में बारिश का प्रकोप सबसे अधिक देखने को मिलेगा।
  • बड़े शहरों में हवा की रफ्तार और बारिश का क्या अनुमान है?
    दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, पटना जैसे बड़े शहरों में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और कई स्पेल में भारी बारिश होगी।
  • वज्रपात और भारी बारिश से बचने के लिए क्या सुरक्षा उपाय अपनाएं?
    खराब मौसम के दौरान घर के अंदर रहें, खुले मैदानों, जलभराव वाले स्थानों, बिजली के खंभों और बड़े पेड़ों के नीचे बिल्कुल न जाएं।
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नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।