रायपुर। सांसद सुनील सोनी ने व्यापारियों की समस्याओं को निराकरण के लिए केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कई सुझाव दिए। सुनील सोनी ने कैश लेन-देन की सीमा बढ़ाकर 30 हजार करने का आग्रह किया। साथ ही साथ हर वर्ग के लिए आयकर छूट की सीमा 5 लाख करने की मांग भी की।

नगद भुगतान की सीमा कम से कम हो 30 हजार

श्री सोनी ने चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जितेन्द्र बरलोटा का एक पत्र केन्द्रीय मंत्री श्री ठाकुर को सौंपा। सांसद श्री सोनी ने मांग की है कि आयकर छूट की सीमा सभी के लिए पांच लाख की जानी चाहिए। वर्तमान में हायर स्लैब की दर 30 फीसदी और उसे सभी के लिए 25 फीसदी की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कैश लेन-देन का भुगतान एक दिन में 30 हजार से अधिक नहीं करने का प्रावधान है, जो कि तर्क संगत नहीं है। नगद भुगतान की सीमा कम से कम 30 हजार की जानी चाहिए। यह भी सुझाव दिया गया कि छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए धारा 44 (एडी) में कर की दर जो 8 फीसदी है। वह सभी के लिए 5 फीसदी नेट करना चाहिए। क्योंकि वर्तमान में प्रतिस्पर्धा के लिए किसी भी वस्तु पर 8 फीसदी का लाभ छोटे व्यापारियों को नहीं होता।

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डिजिटल लेन-देने में न हो कोई चार्ज

श्री सोनी ने सर्वे के दौरान 115 (बीबीई) के तहत 60 फीसदी प्लस और पेनाल्टी अलग से लगाया जाता है। यह लगभग 70 फीसदी होता है। इसको खत्म करना चाहिए और वापस पूर्ववत 30 फीसदी किया जाना चाहिए। वर्तमान में आयकर आडिट की सीमा एक करोड़ है। उसे बढ़ाकर 2 करोड़ करना चाहिए क्योंकि जीएसटी में छोटे-मध्यम व्यापारियों के लिए कम्पोजिशन की दर डेढ़ करोड़ तक की लिमिट की घोषणा है। कैशलेस व्यापार को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल लेन-देने में कोई चार्ज नहीं होना चाहिए। खुदरा व्यापारियों को ऑनलाईन खरीदी की जाती है। वह सिर्फ कार्ड पेंमेट हो इसके लिए नियम बनाना चाहिए।

पुराने सिस्टम को ही करें लागू

श्री सोनी ने यह भी कहा कि वर्तमान में 2018-19 से ट्रक मालिकों के लिए गाडिय़ों के आधार पर प्रत्येक टन में एक हजार रूपए लिया जा रहा है। यदि 30 टन की गाड़ी है तो उसे प्रतिमाह अपनी आय में से 30 हजार रूपए देना पड़ेगा। यह तर्क संगत नहीं है। पुराने सिस्टम को ही लागू करना चाहिए। श्री सोनी ने यह भी कहा कि जिन व्यापारियों को आडिट नहीं होता। उनके लिए रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। यदि किसी कारणवश रिटर्न जमा नहीं हुआ, तो एक हजार से 10 हजार तक की पेनाल्टी लगाई जा रही है। यह बहुत अधिक है। इसको कम किया जाना चाहिए।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।