रायपुर। लोकसभा चुनाव 2019 के तीसरे चरण के पहले पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। जिसका प्रमुख कारण नक्सल भत्ते पर लगाई गई रोक है। दरअसल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात पुलिसकर्मियों के नक्सल भत्ते को लेकर किसी प्रकार का आदेश जारी न हो पाने के कारण अब अप्रैल माह से नक्सल भत्ते पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी गई है।

नए आदेश तक भत्ते पर रोक

नक्सल भत्ता न मिल पाने के कारण कारण पुलिस कर्मचारियों में काफी रोष भर गया है। नारायणपुर के एसपी के आदेश की एक कॉपी सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। जिसके अनुसार नक्सल ड्यूटी भत्ता वर्ष 2018-19 के लिए ही मान्य था। इस आदेश की अवधि 31 मार्च 2019 को समाप्त हो चुकी है। वर्तमान में नक्सल भत्ते को लेकर कोई नया आदेश नहीं आया है।

शासन से आदेश का इंतजार

जब तक शासन से किसी प्रकार का निर्णय नहीं आता तब तक नक्सल भत्ता नहीं दिया जा सकता। सभी रक्षित निरीक्षक, थाना प्रभारी, कैंप प्रभारी, डीआरजी प्रभारी जो नक्सल इलाकों में पदस्थ हैं। आपको बता दें लोकसभा चुनाव में बीते दो चरणों में 80 हज़ार जवानों की ड्यूटी लगी थी। जिसमें ज़्यादातर स्थानीय पुलिस के जवान शामिल थे।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।