AAP Chhattisgarh leaders Vadud Alam and Anusha Joseph in a press meet.

टीआरपी। आम आदमी पार्टी (AAP) छत्तीसगढ़ इकाई ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने सरकार पर अनुच्छेद 21A के तहत मिले शिक्षा के मौलिक अधिकार के हनन का आरोप लगाया। पार्टी का दावा है कि सरकार ने RTE की सीटों में भारी कटौती की है और स्वामी आत्मानंद स्कूलों को जानबूझकर बदहाली की कगार पर छोड़ दिया गया है।

यह मुद्दा छत्तीसगढ़ के लाखों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों से सीधे जुड़ा है। RTE की सीटों में कमी और आत्मानंद स्कूलों में संसाधनों का अभाव सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य और अभिभावकों की जेब पर असर डालता है। विपक्षी दल का यह हमला आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में शिक्षा को एक बड़ा मुद्दा बना सकता है।

RTE की 24 हजार सीटें खत्म करने का आरोप

प्रदेश सचिव अनुषा जोसेफ़ ने प्रेस वार्ता में बताया कि सरकार ने आरटीई (RTE) की 44,173 सीटों के बजाय केवल 19,466 सीटों पर ही प्रवेश देने का निर्णय लिया है। इसका मतलब है कि 24,707 सीटें खत्म कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि पहले नर्सरी और पीपी-1 से प्रवेश मिलता था, लेकिन अब सीधे पहली कक्षा से भर्ती अनिवार्य कर दी गई है, जिससे गरीब बच्चों को शुरुआती शिक्षा के लिए निजी स्कूलों में मोटी फीस देनी होगी।

[H2 Subheading: आत्मानंद स्कूलों में ‘अंधेरा’ और बजट की कमी] प्रदेश महासचिव वदूद आलम ने आरोप लगाया कि रायपुर के कई आत्मानंद स्कूलों को बिजली बिल बकाया होने के नोटिस मिले हैं। सरकार प्रचार पर करोड़ों खर्च कर रही है, लेकिन स्कूलों को नियमित फंड नहीं मिल रहा। इसके कारण प्रयोगशालाएं, स्कूल की रंग-रोगन और मरम्मत का काम ठप पड़ा है।

  • RTE सीटें: 24,000 से अधिक सीटें कम करने का दावा।
  • शिक्षकों की कमी: 50,000 रिक्त पदों पर भर्ती न होने का मुद्दा।
  • स्कूल बंदी: युक्तियुक्तकरण के नाम पर 10,000 स्कूल बंद करने का आरोप।
  • बजट: आत्मानंद स्कूलों के फंड में भारी कटौती।

आम आदमी पार्टी ने सरकार से तीन प्रमुख मांगें की हैं: आत्मानंद स्कूलों को तत्काल फंड जारी करना, RTE में नर्सरी से प्रवेश की पुरानी व्यवस्था बहाल करना और पुराने फीडिंग कैडर सिस्टम से शिक्षकों की भर्ती। रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अज़ीम खान ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो पार्टी इसे प्रदेशव्यापी जनआंदोलन का रूप देगी।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारिता जगत में राजनीतिक खबरों से लेकर खेल, धर्म-समाज, पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व, समाज एवं कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण आयोग, महिला आयोग, सहित विविध विभागों की रिपोर्टिंग का अनुभव रहा है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सामाजिक क्षेत्र में बदलाव और आम जनता की समस्याओं को सटीक रूप से उजागर करना है।