टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (CSEB) के सहायक अभियंता को 27 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। अभियंता ने ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर 40 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी, लेकिन सौदा 27 हजार में तय हुआ।

कैसे हुआ खुलासा?

अंबिकापुर के लखनपुर केवरी गांव के निवासी चंदन सिंह अपने फ्लाई ऐश ईंट प्लांट के लिए ट्रांसफार्मर लगवाने का आवेदन दिया था। सभी दस्तावेज पूरे होने के बावजूद सहायक अभियंता सचिन भगत लगातार उन्हें चक्कर कटवा रहा था और 40 हजार की रिश्वत मांग रहा था। परेशान होकर 16 जनवरी को चंदन सिंह ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई।

ट्रैप प्लान और गिरफ्तारी

एसीबी ने शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद जाल बिछाया। 27 हजार में सौदा तय होने के बाद अभियंता ने चंदन सिंह को अंबिकापुर स्थित डिवीजन कार्यालय बुलाया, जहां रिश्वत लेते ही टीम ने सचिन भगत को रंगे हाथों पकड़ लिया।

एसीबी टीआई शरद सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। इस कार्रवाई से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश गया है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।