रायपुर। महाकुंभ में बढ़ती भीड़ और सुरक्षा कारणों को देखते हुए छत्तीसगढ़-उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर महाकुंभ जाने वाले वाहनों की एंट्री अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। बुधवार शाम से लेकर करीब 12 घंटे तक भारी वाहनों और ट्रकों को बसंतपुर से धनवार के बीच रोक दिया गया, जिससे 15 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। हालांकि, स्थानीय वाहनों को कुछ हद तक छूट दी गई है, लेकिन श्रद्धालुओं के वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई।

बलरामपुर बॉर्डर पर कड़ा प्रतिबंध

महाकुंभ में भगदड़ की स्थिति को देखते हुए, 31 जनवरी रात 12 बजे तक छत्तीसगढ़ से यूपी की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई। सरगुजा आईजी के आदेश पर सुरक्षा के मद्देनजर श्रद्धालुओं की गाड़ियों को सूरजपुर जिले के चंदौरा से वापस भेज दिया गया।

जाम में फंसे सैकड़ों वाहन

इस रोक के चलते धनवार से बसंतपुर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। यूपी के रेनुकूट जाने वाली गाड़ियों को रघुनाथपुर होते हुए डायवर्ट किया गया। हालांकि, यूपी से आने वाले वाहनों को एंट्री दी जा रही है, लेकिन बॉर्डर पर ट्रैफिक बाधित होने के कारण दोनों ओर जाम की स्थिति बनी रही।

1 फरवरी से शुरू होगी यात्रा

प्रशासन ने घोषणा की है कि 1 फरवरी से श्रद्धालुओं के वाहनों को महाकुंभ जाने की अनुमति दी जाएगी। अधिकारियों ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है। इस दौरान जाम के कारण यात्रियों को खाने-पीने और अन्य सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ा।

फिलहाल, प्रशासन ने यातायात को आंशिक रूप से बहाल कर दिया है, लेकिन श्रद्धालुओं को 1 फरवरी तक इंतजार करना होगा।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।