रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस वक्त जबरदस्त उबाल आ गया है। कांग्रेस के अंदर प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर खींचतान तो चल ही रही थी, लेकिन अब इसमें बीजेपी की भी एंट्री हो गई है। बीजेपी के कद्दावर विधायक अजय चंद्राकर ने पूर्व डिप्टी सीएम टी.एस. सिंहदेव (बाबा साहब) को लेकर एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने रायपुर से लेकर दिल्ली तक हलचल तेज कर दी है। चंद्राकर ने सीधे तौर पर बाबा साहब को कांग्रेस छोड़ने की नसीहत दे डाली है।

अपमान की पराकाष्ठा पार हो चुकी है

दरअसल, कुछ दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि वे टीएस सिंहदेव के बयान पर कोई जवाब नहीं देते। इसी बात को लेकर अजय चंद्राकर का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनी थी, तभी से उनका एक ही मिशन था कि बाबा साहब को किसी भी तरह अपमानित किया जाए। चंद्राकर ने दो टूक शब्दों में कहा कि अपमान की भी एक सीमा होती है। बाबा साहब एक गौरवशाली राजवंश से आते हैं, उन्हें अब खुद तय करना होगा कि वे कांग्रेस में रहकर रोज़ बेइज्जत होना चाहते हैं या फिर देश के विकास के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं।

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जेब में रखा झीरम का सबूत कब बाहर आएगा?

इतना ही नहीं, झीरम घाटी नक्सली हमले की बरसी पर भी अजय चंद्राकर ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने सीधे भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए कुछ तीखे सवाल दागे

  • भूपेश बघेल अपनी जेब में रखा झीरम कांड का सबूत जनता के सामने कब लाएंगे?
  • कवासी लखमा को सामने खड़ा करके पूरे प्रदेश को सच क्यों नहीं बताया जाता?
  • अस्पताल में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कवासी लखमा से क्या बात की थी?

चंद्राकर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने झीरम कांड को सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने और सहानुभूति बटोरने का जरिया बना रखा है।

कुर्सी जाते ही याद आई आदिवासियों की चिंता

पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के उस बयान पर भी चंद्राकर ने जमकर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने खनिज संसाधनों में आदिवासियों को हिस्सा देने की मांग की थी। चंद्राकर ने तंज कसते हुए कहा कि जब 5 साल तक प्रदेश में आपकी सरकार थी, तब कैबिनेट या विधानसभा में यह मुद्दा क्यों नहीं उठाया? क्या केंद्र सरकार को एक भी चिट्ठी लिखी गई थी? उन्होंने साफ कहा कि सत्ता में रहते हुए बोलने की हिम्मत नहीं होती और कुर्सी जाते ही ये लोग राजनीति चमकाने के लिए बड़े-बड़े बयान देने लगते हैं। रायपुर के राजनीतिक गलियारों में अब इस बयान के बाद से बयानबाज़ी का दौर और तेज होने की उम्मीद है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।