रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की सरकार में उनके प्रमुख सचिव रहे अमन कुमार सिंह के मानहानि प्रकरण में पत्रकार गिरीराज शर्मा को सुनाई गई सजा पर सेशन कोर्ट द्वारा रोक लगा दी गई है। गिरिराज शर्मा के वकील आनंद मोहन सिंह और पीयूष भाटिया ने निचली अदालत के फैसले को सेशन कोर्ट में चुनौती दी थी। इस मामले की सुनवाई करते हुए एडीजे ने सजा पर रोक लगाई है। अब प्रकरण की अगली सुनवाई 30 जून को होगी।

आपको बता दें कि यह मामला साल 2013 का है। जब दैनिक अखबार में छपी खबर में यह आरोप लगाया गया था कि अमन कुमार सिंह और उनकी पत्नी यास्मीन सिंह ने भ्रष्टाचार कर करोड़ों रुपए अर्जित किए हैं। इस संपत्ति का निवेश दुबई में किया है। चुनाव नतीजों के बाद दोनों दुबई भागने की फिराक में है। इस खबर में उनके पासपोर्ट जप्त किए जाने की मांग उठाई गई थी।

See also  मंत्री सिंहदेव ने की राज्य ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा, कहा-बेहतर कार्यों के लिए कई योजनाओं में मिला पुरस्कार, अब काम के आधार पर केंद्र से मांगा जाएगा फंड

खबर के प्रकाशित होने पर अमन कुमार सिंह ने अखबार के तत्कालीन संपादक गिरीराज शर्मा, कांग्रेस प्रवक्ता आर पी सिंह और टिकेंद्र ठाकुर के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। बाद में टिकेंद्र ठाकुर ने कोर्ट में लिखित माफी मांग ली थी।

याचिका की सुनवाई करते हुए 30 मई 2019 को जेएमएफसी विनय प्रधान की कोर्ट ने सजा का ऐलान करते हुए गिरीराज शर्मा और आर पी सिंह को छह-छह महीने की सजा सुनाई थी। साथ ही 10,000 रुपए का अर्थदंड भी लगाया था।  हालांकि अदालत ने निजी मुचलके पर रिहा कर दिया था।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।