छत्तीसगढ़ में बोले अमित शाह- नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई निर्णायक दौर में, अंजाम तक ले जाएंगे
छत्तीसगढ़ में बोले अमित शाह- नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई निर्णायक दौर में, अंजाम तक ले जाएंगे

जगदलपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश जवानों का बलिदान याद रखेगा और यह व्यर्थ नहीं जाएगा, नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई निर्णायक दौर में आ गई है। उन्होंने कहा कि पिछले 5-6 सालों में हम अंदर तक अपने कैंप को ले गए हैं, इससे नक्सलियों में भय का माहौल है और ऐसी घटनाएं सामने आती हैं।

नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आदिवासी इलाके में विकास कार्य को तेज करना और नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार मिलकर नक्सली समस्या से लड़ रही है, पीएम मोदी ने लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने का निर्देश दिया है, हम लड़ाई को और तीव्र करेंगे और विजय पाएंगे।

अमित शाह ने कहा कि मैं विश्वास दिलाता हूं कि इस घटना के बाद लड़ाई को और तीव्र करेंगे और निश्चित रूप से विजय में परिवर्तित करेंगे। जो जवान शहीद हुए हैं, उनके परिजनों को मैं यह कहना चाहता हूं कि आपके भाई, पति, बेटे ने जो देश के लिए बलिदान दिया है, उसे देश कभी भुला नहीं पाएगी। संकट की इस घड़ी में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीजापुर में हुए नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए जवानों को जगदलपुर में श्रद्धांजलि दी। गृह मंत्री बीजापुर में बासागुड़ा स्थित CRPF के कैंप भी जा सकते हैं।

वापसी में शाह रायपुर के अस्पतालों में भर्ती घायल जवानों से मिलेंगे। श्रद्धांजलि के बाद जवानों के शव उनके घरों के लिए रवाना किए जाएंगे। इससे पहले, मुख्यमंत्री बघेल ने असम दौरे से लौटने के बाद कहा था कि यह मुठभेड़ नहीं, युद्ध हुआ है। नक्सलियों की यह अंतिम लड़ाई है। उनकी मांद में घुसकर जवानों ने उन्हें मारा है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले में 22 जवान शहीद हो गए हैं। नक्सलियों के इस कायरना हरकत के बाद गृह मंत्रालय अलर्ट मोड में आ गया है और नक्सलियों के खिलाफ बड़े ऑपरेशन की तैयारी की जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर पहुंचे हैं। उन्होंने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।

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क्या है पूरा मामला

शनिवार 3 अप्रैल 2021 को छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा ज़िले की सीमा पर नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई। नक्सलियों ने 700 जवानों को घेरकर हमला किया। इस मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हो गए हैं। 3 अप्रैल को मौके से एक जवान का शव बरामद किया गया था। 21 जवान लापता थे, 4 अप्रैल को सर्च ऑपरेशन के दौरान 22 और जवानों के शव बरामद किए गए। इस मुठभेड़ में 31 जवान ज़ख्मी भी हुए हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है। इनमें कोबरा बटालियन, DRG, STF और एक बस्तरिया बटालियन के जवान शामिल है।

शहीद हुए यूपी के वीर जवानों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा

एनकाउंटर को लेकर गृह मंत्री अमित शाह भी असम से लौटे और कल शाम टॉप लेवल मीटिंग की। दिल्ली में शाह के निवास पर हुई इस मीटिंग में गृह सचिव अजय भल्ला, IB के डायरेक्टर अरविंद कुमार और CRPF के सीनियर अधिकारी मौजूद रहे। मीटिंग में घटना के कारणों और एक्शन प्लान पर चर्चा हुई।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में शहीद हुए यूपी के दो वीर जवानों अयोध्या के राजकुमार यादव और चन्दौली के धर्मदेव कुमार के परिजनों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि शहीदों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। साथ ही उनके जिले की एक सड़क का नामकरण शहीद जवान के नाम पर होगा। 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।