रायपुर। छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार के आयुष्मान भारत योजना के नए पोर्टल पर स्विच करने की प्रक्रिया निजी अस्पतालों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। भारी-भरकम दस्तावेजों को अपलोड करने में आ रही तकनीकी दिक्कतों और धीमी गति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में डेटा फीडिंग की समय सीमा 15 फरवरी तक बढ़ा दी है।

यदि अस्पताल समय पर पोर्टल पर जानकारी अपलोड नहीं करते हैं, तो आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों के इलाज और क्लेम भुगतान में बाधा आ सकती है। समय सीमा बढ़ने से रायपुर सहित पूरे प्रदेश के सैकड़ों अस्पतालों को राहत मिली है, जिससे मरीजों का उपचार बिना किसी तकनीकी रुकावट के जारी रह सकेगा।

शुक्रवार शाम तक रायपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय में केवल 15 निजी अस्पतालों के संचालक ही अपने लैपटॉप और दस्तावेज लेकर पहुंचे थे। पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने की प्रक्रिया काफी धीमी रही, क्योंकि दस्तावेजों की संख्या अधिक होने और नए पोर्टल की तकनीकी जटिलताओं के कारण डेटा सिंक होने में समय लग रहा था। यही स्थिति प्रदेश के अन्य जिलों में भी देखी गई।

नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य मुख्यालय को जिला अधिकारियों से मिली फीडबैक के बाद देर शाम समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया। बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा लॉन्च किए गए इस नए पोर्टल में कई पुराने मापदंड बदल दिए गए हैं और कुछ नई शर्तें भी जोड़ी गई हैं, जिनका पालन करना सभी सूचीबद्ध अस्पतालों के लिए अनिवार्य है।

अगले दो दिनों तक स्वास्थ्य विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ अस्पतालों की मदद करेंगे ताकि 15 तारीख तक सभी निजी अस्पतालों का डेटा नए पोर्टल पर माइग्रेट हो सके।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।