‘Gen Alpha’ is now staging protests: छत्तीसगढ़ में अब युवाओं के बाद जेन अल्फा यानी स्कूली बच्चे सड़क पर आंदोलन करने लगे हैं। कहीं शिक्षक की कमी तो कहीं जर्जर भवन के खिलाफ। बालोद जिले के गोटूलमुंडाव गांव में गुरुवार को पालकों ने प्राथमिक और माध्यमिक शाला में तालाबंदी कर दी और बच्चे स्कूल गेट के सामने बैठकर पढ़ाई करने लगे।
गांव के प्राथमिक और माध्यमिक शाला में कुल 41 बच्चे पढ़ते हैं। पालकों का आरोप है कि स्कूल भवन लंबे समय से जर्जर है, बच्चे अतिरिक्त कमरों में ठूंसकर पढ़ने को मजबूर हैं।

3 साल पहले तोड़ी छत, आज तक नहीं बनी
बताया जा रहा है कि करीब 3 साल पहले माध्यमिक शाला भवन की छत को नए सिरे से बनाने के लिए तोड़ा गया था, लेकिन आज तक निर्माण पूरा नहीं हुआ। वहीं प्राथमिक शाला का भवन भी पूरी तरह जर्जर हो चुका है, कभी भी हादसे का डर बना रहता है।

बार-बार शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं होने पर पालकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने स्कूल में ताला जड़कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान मासूम बच्चे बस्ता लेकर गेट के बाहर बैठे और वहीं पढ़ाई करते नजर आए, जो सिस्टम पर बड़ा सवाल है।
सूचना पर पुलिस टीम और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और पालकों को समझाइश दी। पालकों ने नए भवन निर्माण की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।

FAQ: जेन अल्फा का प्रदर्शन
सवाल 1. बालोद के गोटूलमुंडाव में क्या हुआ?
जवाब: गोटूलमुंडाव गांव में जर्जर स्कूल भवन को लेकर पालकों ने स्कूल में तालाबंदी कर दी, बच्चे स्कूल गेट के बाहर बैठकर पढ़ाई करने लगे।
सवाल 2. कितने बच्चे पढ़ते हैं और क्या समस्या है?
जवाब: प्राथमिक और माध्यमिक शाला में कुल 41 बच्चे हैं, माध्यमिक शाला की छत 3 साल पहले तोड़ी गई थी जो अब तक नहीं बनी, प्राथमिक शाला का भवन भी जर्जर है।
सवाल 3. प्रदर्शन किसने किया?
जवाब: पालकों ने नए भवन की मांग को लेकर तालाबंदी की और जेन अल्फा यानी बच्चों ने गेट के बाहर बैठकर क्लास लगाकर विरोध जताया।
सवाल 4. प्रशासन ने क्या किया?
जवाब: सूचना पर पुलिस टीम और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और पालकों को समझाइश देकर नए भवन के लिए आश्वासन दिया।
सवाल 5. छत्तीसगढ़ में जेन अल्फा प्रदर्शन क्यों बढ़ रहे हैं?
जवाब: प्रदेश में शिक्षक कमी, जर्जर भवन और स्कूल प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ अब छोटे बच्चे भी सड़क पर आकर प्रदर्शन कर रहे हैं, यह शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।


