Tribal community firm on girl students’ safety: बीजापुर जिले के छात्रावासों में बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने कड़ा रुख अपनाया है। कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में बच्चियों के साथ मारपीट और रुद्राराम स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्रा से कथित बैड टच के मामलों में हुई कार्रवाई को समाज ने खानापूर्ति बताया है। समाज ने कहा है कि सिर्फ तबादला या हटाना काफी नहीं, एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों का आरोप है कि कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में बच्चियों के साथ मारपीट का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सिर्फ अधीक्षिका पर विभागीय कार्रवाई की है। इससे मामले की गंभीरता खत्म नहीं होती।
समाज ने मांग रखी है कि –
- घटना की परिस्थितियों की पूरी जांच हो
- जिम्मेदार लोगों पर FIR और कानूनी कार्रवाई हो
- पीड़ित बच्चियों को मानसिक संबल और सुरक्षित वातावरण मिले
- भविष्य में पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था सुधारी जाए
एकलव्य विद्यालय मामला – प्राचार्य की भूमिका भी जांच के घेरे में
रुद्राराम स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्रा से कथित बैड टच के मामले में शिक्षक पर कार्रवाई तो हुई, लेकिन समाज का कहना है कि जिम्मेदारी सिर्फ एक शिक्षक तक सीमित नहीं है।
समाज ने आरोप लगाया कि प्राचार्य को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। आवासीय विद्यालय में बच्चे लंबे समय तक परिसर में रहते हैं, ऐसे में सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी व्यवस्था की है। प्राचार्य की भूमिका और छात्रावास की निगरानी व्यवस्था की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. सर्व आदिवासी समाज ने क्या मांग की है?
समाज ने छात्रावास मामलों में सिर्फ तबादले की कार्रवाई नहीं, बल्कि FIR, कानूनी कार्रवाई और उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।
Q2. कस्तूरबा गांधी छात्रावास में क्या मामला था?
बच्चियों के साथ मारपीट का मामला सामने आया था, जिसमें प्रशासन ने अधीक्षिका पर विभागीय कार्रवाई की थी।
Q3. एकलव्य विद्यालय का मामला क्या है?
रुद्राराम एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्रा से कथित बैड टच का मामला, जिसमें शिक्षक पर कार्रवाई हुई है।
Q4. समाज ने प्राचार्य पर क्या आरोप लगाया?
समाज का आरोप है कि प्राचार्य को बचाने का प्रयास हो रहा है और उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।



