ret taskari saja
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Court Cracks Down on Sand Smugglers: छत्तीसगढ़ में रेत की तस्करी करने वालों को पकड़े जाने के बाद पहले प्रशासनिक स्तर पर सिर्फ जब्ती और जुर्माने की कार्रवाई की जाती थी, मगर अब ऐसे मामले सीधे स्पेशल कोर्ट में पेश किए जा रहे हैं, और सुनवाई के बाद कोर्ट द्वारा सख्ती से फैसला किया जा रहा है। अरपा नदी में अवैध रेत उत्खनन करने वाले को कोर्ट ने एक और बड़ा झटका दिया है।

विशेष न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरैशी की अदालत ने दोषी कुंवर सिंह कंवर को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अलग-अलग धाराओं में कुल 26 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

नगोई घाट पर पकड़ा गया था अवैध उत्खनन

अभियोजन के मुताबिक, 17 जून 2025 को सुबह करीब 8:10 बजे बेलगहना के नायब तहसीलदार राजस्व टीम और पुलिस के साथ रेत उत्खनन स्थलों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान कोटा थाना क्षेत्र के नगोई घाट पर अरपा नदी से अवैध रूप से रेत निकालने का मामला सामने आया।

मौके पर ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक CG 10 BE 7869 से रेत का परिवहन किया जा रहा था। टीम को देखकर चालक वाहन छोड़कर भाग गया। जांच में रेत के उत्खनन और परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज, रॉयल्टी रसीद और खनन पट्टा नहीं मिले।

कोर्ट का सख्त फैसला

अदालत ने सलका निवासी कुंवर सिंह कंवर, पिता सम्मार सिंह को भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत तीन साल सश्रम कारावास और 1000 रुपये जुर्माना, साथ ही छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71 और खान एवं खनिज अधिनियम के उल्लंघन पर 25 हजार रुपये अतिरिक्त जुर्माना लगाया। जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जब्त अवैध रेत को राज्य शासन के पक्ष में राजसात करने का आदेश भी दिया गया है।

फैसले में अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के परमेश्वरी बनाम तमिलनाडु राज्य (2026) मामले का हवाला देते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की लूट को केवल आर्थिक नुकसान के रूप में नहीं देखा जा सकता। अवैध रेत उत्खनन से नदी की प्राकृतिक बनावट, जलस्तर और पानी के बहाव पर असर पड़ता है। इसका नुकसान मौजूदा आबादी के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी उठाना पड़ता है।

FAQ: रेत तस्कर को हुई सजा

Q1. सजा किसे हुई?
सलका निवासी कुंवर सिंह कंवर को अरपा नदी के नगोई घाट में अवैध रेत उत्खनन पर।

Q2. पहले क्या होता था, अब क्या बदला?
पहले पकड़े जाने पर सिर्फ ट्रैक्टर-रेत जब्ती और प्रशासनिक जुर्माना होता था, अब मामले स्पेशल कोर्ट में पेश हो रहे हैं और जेल की सजा दी जा रही है।

Q3. कितनी सजा मिली?
BNS धारा 303(2) में 3 साल सश्रम कारावास, 1000 रु और खनिज नियमों में 25 हजार रु जुर्माना, कुल 26 हजार।