Gangrel Rescue News: गंगरेल जलाशय में अचानक मौसम बिगड़ने और तेज लहरें उठने के कारण एक मछुआरे की जान खतरे में पड़ गई। लकड़ी चुनने के लिए नाव से निकले ग्राम बरारी निवासी बबलू निषाद की नाव बीच जलाशय में पलट गई। जान बचाने के लिए उन्होंने करीब 100 मीटर तक तैरकर दूसरे टापू पर शरण ली। हालांकि, अंधेरा होने के कारण उनके लिए वहां से सुरक्षित लौटना मुश्किल हो गया। सूचना मिलने पर गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन की टीम ने वाटर एम्बुलेंस की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया और मछुआरे को सुरक्षित बाहर निकालकर गांव पहुंचाया।
अचानक बदला मौसम, देखते ही देखते पलट गई नाव
जानकारी के मुताबिक, ग्राम बरारी निवासी बबलू निषाद लकड़ी चुनने के लिए नाव से ठेमली आइलैंड गए थे। इसी दौरान गंगरेल जलाशय में मौसम अचानक बिगड़ने लगा। हवा की रफ्तार बढ़ने के साथ पानी में तेज लहरें उठने लगीं। जलाशय की बदलती परिस्थितियों के बीच उनकी नाव अनियंत्रित हो गई और देखते ही देखते पलट गई। नाव पलटने के बाद बबलू निषाद के सामने अपनी जान बचाने की चुनौती खड़ी हो गई। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और पानी में तैरते हुए करीब 100 मीटर की दूरी तय कर दूसरे टापू तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की। इस तरह उन्होंने तत्काल पानी में डूबने के खतरे से खुद को बचा लिया।
जान बची, लेकिन अंधेरा होने से टापू पर फंसे
नाव पलटने के बाद टापू तक पहुंचना बबलू के लिए राहत की बात थी, लेकिन उनकी मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। जलाशय के आसपास अंधेरा छाने लगा था। ऐसे में जंगल और पानी से घिरे टापू से सुरक्षित निकलना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो गया। जलाशय में तेज लहरों और बदलते मौसम के बीच वापस लौटने का जोखिम भी कम नहीं था। इस बीच, बबलू के परिजनों और ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली। इसके बाद उनकी सुरक्षित वापसी के लिए मदद जुटाने की कोशिश शुरू हुई। सूचना गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन की टीम तक पहुंची, जिसके बाद बचाव दल ने तत्काल कार्रवाई की।
वाटर एम्बुलेंस से चलाया गया रेस्क्यू अभियान
मछुआरे के टापू पर फंसे होने की सूचना मिलने के बाद गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन की टीम वाटर एम्बुलेंस के साथ बचाव अभियान में जुट गई। जलाशय में पहुंचकर टीम ने बबलू निषाद को सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई की। आखिरकार, रेस्क्यू टीम की मदद से उन्हें टापू से सुरक्षित निकाला गया और गांव पहुंचाया गया। इस अभियान में सत्येंद्र शिव, राजेश मुकेश और स्थानीय नागरिक खूबलाल ध्रुव सहित अन्य सदस्यों की अहम भूमिका रही। समय पर मिली सूचना, स्थानीय लोगों की सक्रियता और बचाव दल की तत्परता से मछुआरे को सुरक्षित निकालने में सफलता मिली।
स्थानीय टीम और प्रशासन के समन्वय से मिली सफलता
गंगरेल जैसे विशाल जलाशय में मौसम खराब होने पर नाव से आवागमन जोखिम भरा हो सकता है। अचानक तेज हवा चलने और लहरें उठने से छोटी नावों को संभालना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में जलाशय में काम करने वाले मछुआरों और अन्य लोगों के लिए मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। इस घटना में स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता, गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन की टीम की तत्परता और जिला प्रशासन के सहयोग से मछुआरे की सुरक्षित वापसी संभव हो सकी। रेस्क्यू के दौरान आपसी समन्वय ने अहम भूमिका निभाई।
जलाशय में जाने से पहले बरतें सावधानी
घटना के बाद जलाशय में नाव से जाने वाले लोगों से मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही निकलने और सुरक्षा के जरूरी उपाय अपनाने की अपील की गई है। खासकर तेज हवा, खराब मौसम और अंधेरा होने की आशंका के दौरान जलाशय में जाने से बचना चाहिए। नाव में क्षमता के अनुसार ही लोगों को बैठाना, जरूरी सुरक्षा उपकरण साथ रखना और परिजनों को अपने जाने की जानकारी देना भी महत्वपूर्ण है।



