CG Civil Judge Appointment: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य की अधीनस्थ न्यायपालिका में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाते हुए लोअर ज्यूडिशियल सर्विस कैडर में परिवीक्षा पर नियुक्त 56 सिविल जज जूनियर डिवीजन की पहली पदस्थापना का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश के तहत सभी नव-नियुक्त न्यायिक अधिकारियों को 29 अगस्त 2026 तक अपने-अपने आवंटित पदस्थापना स्थल पर पहुंचकर अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश की निचली अदालतों में मुकदमों के बढ़ते बोझ और न्यायिक अधिकारियों की कमी को दूर करने के लिए लोक सेवा आयोग के माध्यम से इन पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी की गई थी। इसके बाद राज्य शासन ने इन्हें परिवीक्षा पर नियुक्त किया था। बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग जैसे बड़े शहरी केंद्रों के साथ-साथ बस्तर और सरगुजा संभाग के सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में भी नए जजों की तैनाती की गई है। कुछ अधिकारियों को सीधे सिविल जज जूनियर डिवीजन के पद पर और कुछ को अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रजिस्ट्रार जनरल के आधिकारिक निर्देश
हाईकोर्ट रजिस्ट्री की ओर से 19 अगस्त 2026 को जारी इस आदेश में सभी संबंधित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे नव-नियुक्त अधिकारियों से समय सीमा के भीतर कार्यभार ग्रहण कराएं। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उसकी विस्तृत चार्ज रिपोर्ट अनिवार्य रूप से हाईकोर्ट रजिस्ट्री को भेजी जाए। इसके साथ ही आदेश को पारदर्शिता के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) कंप्यूटर सेल के माध्यम से हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया है।
न्यायिक प्रक्रिया पर पड़ेगा प्रभाव
अधीनस्थ अदालतों में 56 नए सिविल जजों की एक साथ तैनाती से छत्तीसगढ़ की संपूर्ण न्याय प्रणाली को नया बल मिलेगा। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के न्यायालयों में जजों की उपस्थिति से वर्षों से लंबित पड़े दीवानी और आपराधिक मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी। आम नागरिकों को समय पर न्याय मिलने से कोर्ट कचहरी के चक्करों से मुक्ति मिलेगी और जिला अदालतों में प्रकरणों के निस्तारण की दर में रिकॉर्ड सुधार दर्ज किया जाएगा।






