रायपुर। 43 से भी अधिक बार सर्वर डॉउन होने और करोड़ों के राजस्व का फटका लगने के बाद अब पंजीयन विभाग ने बीएसएनएल की सर्विस से तौबा करने का मन बना लिया है। इसके लिए विभाग अब प्राइवेट संचार कंपनियों से अनुबंध करने की तैयारी कर रहा है। वैसे भी बीएसएनएल के दिन काल आजकल ठीकठाक नहीं चल रहे हैं। कंपनी के 1.47 लाख कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है।

भुइयां को मर्ज करने की तैयारी:

अब एक ही सॉफ्टवेयर में भुइयां को मर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अभी तक रजिस्ट्री के दस्तावेजों को पंजीयन विभाग के सॉफ्टवेयर में डाउनलोड करने की प्रक्रिया होती थी, जिसे भुइयां के सॉफ्टवेयर से सभी दस्तावेजों से मिलान किया जाता था। इसके लिए अब पंजीयन विभाग के सॉफ्टवेयर में ही एकीकृत व्यवस्था से सभी दस्तावेजों की जांच होगी। इसके बाद ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

सॉफ्टवेयर के डेवलेपमेंट करने में लेंगे इंजीनियरों की हेल्प :

सॉफ्टवेयर के डेवलेपमेंट के लिए इंजीनियरों की हेल्प ली जाएगी। अभी इसके लिए प्लानिंग की जाएगी। पंजीयन विभाग के मुताबिक भुइयां सॉफ्टवेयर के सर्वर भी डाउन होने के कारण रजिस्ट्री करने में लेटलतीफी होती थी। ऐसे में एक व्यवस्था बनाने की योजना बनी है।

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7 दिनों तक बंद रही रजिस्ट्री :

विगत सात दिनों तक रजिस्ट्री बंद थी। इसके बंद होने के बाद काफी बवाल मचा था। इस दौरान सर्वर डाउन होने की बात सामने आई थी। सर्वर के डाउन होने के चलते रजिस्ट्री की गति काफी धीमी रही। हालात ये रहे टोकन पाने के बाद उसका इस्तेमाल दूसरे दिन होता रहा है।

पंजीयन का सर्वर चलाने वाली कंपनी भी बदलेगी:

पंजीयन विभाग के सर्वर को संचालन करने वाली कंपनी भी बदली जाएगी। इसके अनुबंध खत्म होने के बावजूद अभी नई कंपनी को व्यवस्था देने के लिए कोई पहल नहीं की गई है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक शासन की अनुमति मिलने के बाद ही नई कंपनी को सर्वर संचालन की व्यवस्था अन्य को दी जाएगी।

पूरा नहीं कर सके टारगेट:

आंकड़ों के लिहाज से टारगेट से 200 करोड़ रुपये कम बीते वित्तीय वर्ष में रजिस्ट्री हुई। इसके पीछे एक कारण पंजीयन विभाग के सॉफ्टवेयर में बार-बार खामियों के चलते भी रहीं। दूसरी ओर छोटे रकबे की रजिस्ट्री पर रोक भी रही। बता दें कि 600 करोड़ रुपये के हिसाब से 400 करोड़ की रजिस्ट्री हुई थी। ऐसे में अब विभाग बीएसएनएल की सेवाओं से तौबा करने जा रही है।

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क्या कहते हैं जिम्मेदार:

विभागीय साफ्टवेयर में भुइयां को मर्ज करेंगे। सर्वर डाउन होने की समस्या को दूर करने निजी संचार कंपनियों का सहारा लेंगे ताकि रजिस्ट्री करने में आसानी हो।
बीएस नायक, पंजीयक, रायपुर।

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।