बिलासपुर। न्यायधानी के पुराने बस स्टैंड के पास स्थित प्रसिद्ध दुकान राजस्थान जलेबी की लीज निरस्तीकरण के खिलाफ उसके संचालक ने हाईकोर्ट की शरण ली है। कोर्ट ने इस मामले में नगर निगम और याचिकाकर्ता दोनों से जवाब मांगा है। कोर्ट ने अगली सुनवाई 27 फरवरी को तय करते हुए आदेश दिया है कि तब तक दुकान की लीज को निरस्त नहीं किया जा सकता।

गौरतलब है कि नगर निगम ने कुछ दिन पहले नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए राजस्थान जलेबी की लीज निरस्त कर दी थी। निगम का आरोप है कि दुकान संचालक लगातार सड़क पर सामान रखकर व्यवसाय कर रहा है, जिससे यातायात बाधित हो रहा था। इस आधार पर निगम ने दुकान का सामान जब्त करते हुए पेनाल्टी भी लगाई थी।

दुकान संचालक ने कोर्ट में रखा अपना पक्ष

इस फैसले के खिलाफ दुकान संचालक सीताराम माटोलिया ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। याचिका में उन्होंने निगम की कार्रवाई को मनमानी और गलत बताया। उनका कहना है कि दुकान के बाहर रखे गए डस्टबिन को जब्ती में लिया जा रहा है, वहीं भट्टी और कड़ाही जब्त कर पेनाल्टी लगाई जा रही है, लेकिन पेनाल्टी जमा करने के बावजूद सामान नहीं लौटाया जा रहा।

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इसके अलावा, याचिकाकर्ता ने नगर निगम पर अपने वादे से मुकरने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इमलीपारा क्षेत्र में जब दुकानों को तोड़ा गया था, तब निगम ने व्यवस्थापन के बाद दुकानें हटाने की बात कही थी, लेकिन अब यह कहा जा रहा है कि कॉम्पलेक्स बनने के बाद ही दुकानों का आवंटन किया जाएगा। व्यापारियों और नगर निगम के बीच हुए समझौते को भी अनदेखा किया जा रहा है।

हाईकोर्ट ने इस पर गंभीरता से विचार करते हुए दोनों पक्षों से जवाब मांगा है और सुनवाई लंबित रहने तक लीज को निरस्त करने पर रोक लगा दी है।