Encounter
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नारायणपुर। आज छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र का पर्व है। सुबह 7 बजे से ही छत्तीसगढ़ के 20 विधानसभा सीटों पर पहले चरण का जारी मतदान के बीच मंगलवार को नारायणपुर जिले में एक विधानसभा सीट पर सुरक्षा के लिए तैनात डीआरजी के जवानों की नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हो गई। इसकी वजह से कुछ देर के लिए मतदान बाधित रहा।

एसटीएफ जवानों ने माओवादियों को दिया मुंहतोड़ जवाब

गौरतलब है कि मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से जमकर फायरिंग हुई। पुलिस ने बताया कि कोंटा (एसटी) विधानसभा सीट के एक मतदान केंद्र के बाहर तैनात डीआरजी के जवानों पर नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। डीआरजी के जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की. करीब 10 मिनट तक दोनों ओर से जमकर गोलीबारी हुई। डीआरजी के जवानों को भारी पड़ता देख नक्सलियों ने 10 मिनट के बाद फायरिंग बंद कर दी।

पुलिस ने बताया है कि सभी जवान सुरक्षित हैं और किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। पुलिस ने यह भी कहा है कि बूथ में मतदान सामान्य रूप से चल रहा है। पुलिस ने कहा है कि नक्सलियों ने दहशत फैलाने के इरादे से फायरिंग की, लेकिन जवानों ने उन्हें खदेड़ दिया।

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CEO छत्तीसगढ़ की ओर से आई ये सफाई

इधर, निर्वाचन आयोग की ओर से कहा गया है कि जिला नारायणपुर के थाना ओरछा के तादुर के जंगल में एसटीएफ और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। एसटीएफ को भरी पड़ता देख नक्सली जंगल की आड़ लेकर भाग गए। सभी जवान सुरक्षित हैं। इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। सीईओ छत्तीसगढ़ के कार्यालय ने बताया है कि गुदड़ी मतदान केंद्र में अब तक 16 फीसदी मतदान हो चुका है। सोशल मीडिया ग्रुप्स में चल रहा समाचार कि मतदान केंद्र को नक्सलियों ने घेर लिया है, गलत है। मतदान केंद्र तथा मतदान दल सुरक्षित हैं। मतदान जारी है।