रायपुर। मुख्‍यमंत्री आवास में चार जुलाई को आयोजित हुए जनदर्शन में एक अत्यंत मानवीय और संवेदनशील घटना घटी, जिसने सभी का दिल छू लिया। जनदर्शन में एक 10 साल की दिव्‍या इलाज की गुहार लेकर वहां पहुंची थी। जनदर्शन में दिव्‍या के साथ उसके नाना दोहत राम विश्वकर्मा भी पहुंचे थे। जनदर्शन में जब मुख्यमंत्री को इस बात की जानकारी मिली तो उन्‍होंने तुरंत दिव्या और उसके परिजनों को मंच पर बुलाया।

यहां नाना ने मुख्‍यमंत्री साय को बताया कि जब दिव्या तीन साल की थी, तब उसे जहरीले सांप ने काट लिया था, जिसके कारण उसका दायां हाथ बुरी तरह प्रभावित हुआ। बच्‍ची का हाथ सांप की तरह हो गया। उन्होंने यह भी बताया कि दिव्या के पिता त्रिवेंद्र किसान हैं और भानुप्रतापपुर के ग्राम कनेचूर में खेती-बाड़ी करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि वे दिव्‍या का इलाज कराने में असमर्थ हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि दिव्या का हाथ ऑपरेशन से ठीक हो सकता है, लेकिन इसके लिए लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये का खर्च आएगा। मुख्यमंत्री ने दोहत राम की पूरी बात सुनी। सीएम साय ने तत्काल इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दिव्या के इलाज के लिए सहायता प्रदान करने अधिकारियों को निर्देश दिया। एक घंटे के भीतर मुख्यमंत्री ने स्वयं दिव्या को डेढ़ लाख रुपये का चेक सौंपा।

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इस घटना ने न केवल दिव्या और उसके परिवार को राहत दी, बल्कि समाज के अन्य लोगों के लिए भी एक प्रेरणा का काम किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह मानवीय चेहरा उनके जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है, जिससे आम जनता में उनके प्रति सम्मान और विश्वास और भी बढ़ गया है।