CGBSE Board Exam 2026-27: छत्तीसगढ़ में सत्र 2026-27 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा केंद्रों में प्रस्तावित बदलाव को लेकर विवाद शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की नई व्यवस्था का टीचर्स एसोसिएशन ने विरोध किया है।
संगठन ने इसे अव्यावहारिक बताते हुए मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र भेजा है। साथ ही, नई व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाने और परीक्षा केंद्र तय करने की प्रक्रिया की समीक्षा करने की मांग की है।
परीक्षा केंद्रों में बदलाव पर क्यों उठा विवाद?
टीचर्स एसोसिएशन का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा केंद्रों में बदलाव से स्कूलों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के सामने व्यावहारिक समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। संगठन ने इस व्यवस्था को लागू करने से पहले इससे जुड़े सभी पहलुओं पर विचार करने की जरूरत बताई है। एसोसिएशन के मुताबिक, परीक्षा केंद्र निर्धारित करने की प्रक्रिया में स्कूल प्रबंधन और विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखना जरूरी है।
मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र
टीचर्स एसोसिएशन ने सत्र 2026-27 की बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा केंद्रों में बदलाव को लेकर मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की है। संगठन ने पत्र में कहा है कि नई व्यवस्था लागू करने से पहले उसकी समीक्षा की जानी चाहिए। साथ ही, शिक्षकों और संबंधित पक्षों से चर्चा कर परीक्षा केंद्र निर्धारित करने की व्यावहारिक व्यवस्था तैयार करने की मांग की गई है।
नई व्यवस्था पर तीन बिंदुओं में जताई आपत्ति
टीचर्स एसोसिएशन ने परीक्षा केंद्रों में प्रस्तावित बदलाव को लेकर तीन प्रमुख बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज कराई है। संगठन का कहना है कि इस फैसले से परीक्षा संचालन, स्कूल प्रबंधन और विद्यार्थियों की सुविधा से जुड़े सवाल पैदा हो सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में एसोसिएशन की ओर से उठाए गए तीनों बिंदुओं का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए नई व्यवस्था से जुड़ी विशिष्ट समस्याओं के बारे में फिलहाल कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
परीक्षा केंद्रों की नई व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मांग की है कि परीक्षा केंद्रों में बदलाव से जुड़ी नई व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाई जाए। संगठन चाहता है कि परीक्षा केंद्र तय करने की प्रक्रिया पर दोबारा विचार हो और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद फैसला लिया जाए। एसोसिएशन का कहना है कि इससे बोर्ड परीक्षाओं का संचालन सुचारु रखने और विद्यार्थियों तथा स्कूलों को संभावित परेशानियों से बचाने में मदद मिल सकती है।



