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CGPSC Scam में बड़ा अपडेट, 12 संदेहियों से पूछताछ, 3.2 करोड़ की रकम की कड़ियां तलाश रही ED

CGPSC Scam में बड़ा अपडेट, 12 संदेहियों से पूछताछ, 3.2 करोड़ की रकम की कड़ियां तलाश रही ED
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) से जुड़े पर्चा लीक और भर्ती परीक्षा में अनियमितता के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तत्कालीन OSD बताए जा रहे और वर्तमान अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार किया है।

बलरामपुर से गिरफ्तारी के बाद बोरघरिया ED की रिमांड पर हैं। उनसे कथित आर्थिक लेन-देन के अलावा CGPSC की चयन प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं पर भी पूछताछ की जा रही है। जांच में करीब 3.2 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन से जुड़ी चैट डिटेल सामने आने की बात कही गई है।

12 संदेहियों से पूछताछ कर रही ED

जांच एजेंसी अब उन अभ्यर्थियों और अन्य लोगों के बयान भी दर्ज कर रही है, जिनसे कथित तौर पर रकम चेतन बोरघरिया तक पहुंचने की बात जांच में सामने आई है।

बताया जा रहा है कि विकास चंद्राकर और उत्कर्ष चंद्राकर के माध्यम से रकम दिए जाने के आरोपों से जुड़े अभ्यर्थियों समेत करीब 12 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। ED इन लोगों से मामले से जुड़े दस्तावेज और लेन-देन की जानकारी भी जुटा रही है।

3.2 करोड़ रुपये की रकम की कड़ियां तलाश रही एजेंसी

जांच में करीब 3.2 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन को अहम माना जा रहा है। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पर्चा उपलब्ध कराने और चयन में मदद के नाम पर कथित तौर पर जुटाई गई रकम में से कितनी राशि बोरघरिया तक पहुंची।

इसके साथ ही एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि रकम आगे किन लोगों के बीच ट्रांसफर हुई और इन लेन-देन का कथित CGPSC मामले से क्या संबंध है।

धमतरी स्थित घर से दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त

बता दें इससे पहले ED ने चेतन बोरघरिया के धमतरी स्थित पैतृक निवास पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

एजेंसी अब जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डेटा का विश्लेषण कर रही है। जांच में इनसे मिलने वाली जानकारी को कथित लेन-देन और अन्य आरोपों की कड़ियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

2019 से 2023 तक की चैट और कॉल डिटेल की जांच

ED ने 2019 से 2023 के बीच आरोपियों और संदिग्ध लोगों की कॉल डिटेल और डिजिटल चैट की भी जांच की है। जांच एजेंसी के मुताबिक, कुछ बातचीत में पैसों के लेन-देन, कथित तौर पर पर्चा उपलब्ध कराने और इंटरव्यू में मदद से जुड़े संकेत मिलने की बात सामने आई है। अब एजेंसी इन डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले में पैसों के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है।

The Rural Press ब्यूरो
लेखक / पत्रकार:

The Rural Press ब्यूरो

सम्पादकीय डेस्क (The Rural Press Editorial Team)

द रूरल प्रेस केंद्रीय सम्पादकीय मंडल एवं राज्य ब्यूरो नेटवर्क

The Rural Press की विशेष सम्पादकीय एवं ग्रामीण खोजी पत्रकारिता टीम। जमीनी मुद्दों, कृषि संकट और निष्पक्ष जनसरोकार की विश्वसनीय रिपोर्टिंग।

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